हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम में चल रहे समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन आध्यात्मिकता और राजनीति का अनूठा संगम देखने को मिला।

हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम में चल रहे समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन आध्यात्मिकता और राजनीति का अनूठा संगम देखने को मिला।

A unique confluence of spirituality and politics was witnessed on the third and final day of the Samadhi Mandir idol installation program going on at Saptarishi Ashram in Haridwar.

Haridwar Sunny verma

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई प्रमुख हस्तियां कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।

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सप्तऋषि आश्रम का मैदान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच समाधि मंदिर में गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

 

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कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी ने आयोजन को और विशेष बना दिया।

गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। उनकी साधना और विचार आज भी हमारे बीच जीवित हैं। यह समारोह उनकी चेतना को पुनः जागृत करने का प्रयास है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति ही देश की असली ताकत है और संतों की तपस्या से ही भारत की आत्मा आज भी जीवित है। उन्होंने पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज को गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए साधुवाद दिया।

सनातन बचेगा तो देश बचेगा। हम पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हैं। भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिकता से है।”

अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि गुरुदेव की शिक्षाएं और भारत माता की उपासना ही राष्ट्र निर्माण का मार्ग है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर सप्तऋषि आश्रम में आयोजित यह समारोह आध्यात्मिक परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध और सनातन संस्कृति की विरासत को सशक्त करने का संदेश देता नजर आया।

 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की स्पीच

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