पर्दे के पीछे: कैसे वैष्णवी उपाध्याय ग्लोबल दर्शकों के लिए दक्षिण एशियाई कहानियों को नया रूप दे रही है।

पर्दे के पीछे: कैसे वैष्णवी उपाध्याय ग्लोबल दर्शकों के लिए दक्षिण एशियाई कहानियों को नया रूप दे रही है।

Behind the scenes: How Vaishnavi Upadhyay is reinventing South Asian stories for a global audience.

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

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जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई कहानियाँ ग्लोबल दर्शकों तक पहुँच रही हैं, अलग-अलग संस्कृतियों में इन कहानियों को कैसे देखा और समझा जाता है, इसे आकार देने में एडिटर्स की भूमिका अहम होती जा रही है।

 

दशकों से, दक्षिण एशियाई सिनेमा पर बातचीत डायरेक्टर, एक्टर और राइटर के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। एडिटर्स—वे कहानीकार जो प्रोडक्शन खत्म होने के काफी समय बाद फिल्म को आकार देते हैं—अक्सर लाइमलाइट से दूर ही रहे हैं।

 

जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई कहानी कहने का दायरा ग्लोबल फेस्टिवल, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ रहा है, एडिटर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। वे सिर्फ़ फुटेज को एक साथ नहीं जोड़ रहे होते; वे यह तय करते हैं कि दर्शक अनजान दुनिया, संस्कृतियों और अनुभवों से कैसे जुड़ेंगे।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

भारत में जन्मी एडिटर वैष्णवी “वैश” उपाध्याय इस बदलती भूमिका का प्रतिनिधित्व करती हैं। नैरेटिव, डॉक्यूमेंट्री और कमर्शियल स्टोरीटेलिंग में काम करते हुए, वैष्णवी ने ऐसा काम किया है जो आज की फिल्ममेकिंग के ग्लोबल स्वरूप को दर्शाता है—एक ऐसा स्वरूप जहाँ सांस्कृतिक विशिष्टता और सार्वभौमिक भावनाएँ एक साथ मौजूद होती हैं।

 

वैष्णवी कहती हैं, “एक एडिटर के तौर पर, आप लगातार सोचते रहते हैं कि क्या बचाकर रखना है और क्या नया खोजना है।” “जब कोई कहानी किसी खास संस्कृति से जुड़ी होती है, तो ज़िम्मेदारी हर छोटी-बड़ी बात का अनुवाद करने की नहीं होती; बल्कि उस दुनिया की सच्चाई को बनाए रखते हुए उस भावनात्मक कड़ी को खोजना होता है जो लोगों को उससे जोड़ती है। सबसे असरदार कहानियाँ दर्शकों को याद दिलाती हैं कि अनजान अनुभवों में भी कुछ बहुत मानवीय हो सकता है।”

 

भारत में पली-बढ़ीं और बाद में अमेरिकन फिल्म इंस्टीट्यूट कंज़र्वेटरी से एडिटिंग में MFA करने के लिए लॉस एंजिल्स गईं वैष्णवी, कई तरह की सिनेमाई परंपराओं से प्रभावित नज़रिया रखती हैं। भारत भर में यात्रा करने के दौरान उन्हें कई तरह के समुदायों, भाषाओं और रोज़मर्रा के अनुभवों से रूबरू होने का मौका मिला—इन अनुभवों ने उनके काम की भावनात्मक बारीकियों को प्रभावित किया है।

 

इस नज़रिए को इंडस्ट्री में जल्द ही पहचान मिली। AFI में अपने समय के दौरान, वैष्णवी को ‘डिज्नी डायवर्स स्टोरीटेलर्स फंड स्कॉलरशिप’ मिली, जो उन फिल्ममेकर्स को सम्मानित करती है जिनका काम मनोरंजन की दुनिया को और अधिक समावेशी बनाने में योगदान देता है। बाद में उन्हें अपनी क्लास से एकमात्र एडिटिंग फेलो के तौर पर AFI का प्रतिनिधित्व करने के लिए ‘टेलुराइड फिल्मलैब’ के लिए चुना गया, जो टेलुराइड फिल्म फेस्टिवल के साथ आयोजित होने वाला एक प्रतिष्ठित मेंटरशिप प्रोग्राम है।

 

यह सोच डायरेक्टर यश सराफ की बंगाली भाषा की अनोखी शॉर्ट फिल्म ‘मोती’ में खास तौर पर दिखाई देती है। यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसके प्यारे कुत्ते का रहस्यमयी तरीके से एक छोटे लड़के में बदलाव हो जाता है। अपनी अनोखी कहानी के ज़रिए, यह फिल्म अपनापन, स्वीकार्यता और बिना शर्त प्यार जैसे विषयों को दिखाती है।  वैष्णवी द्वारा एडिट की गई ‘मोती’ अपने फ़ेस्टिवल सीज़न की सबसे ज़्यादा यात्रा करने वाली दक्षिण एशियाई स्वतंत्र शॉर्ट फ़िल्मों में से एक बन गई। इसे फैंटास्टिक फ़ेस्ट, शॉर्ट शॉर्ट्स फ़िल्म फ़ेस्टिवल एंड एशिया और हवाई इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल समेत 35 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फ़ेस्टिवलों में दिखाया गया।

 

 

कैम्ब्रिज फिल्म फेस्टिवल, धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित।

 

फिल्म को इटली के लुक्का फिल्म फेस्टिवल में आधिकारिक जूरी पुरस्कार, वेंचर फिल्म फेस्टिवल में विशेष उल्लेख और लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में सत्यजीत रे शॉर्ट फिल्म पुरस्कार मिला। लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल यूरोप का सबसे बड़ा भारतीय और दक्षिण एशियाई फिल्म फेस्टिवल है, जहां जूरी ने फिल्म की “मौलिकता और सशक्त अभिनय” की प्रशंसा करते हुए कहा कि फिल्म के डार्क ह्यूमर और समाज में असामान्य चीजों से निपटने के तरीके पर इसकी सामाजिक टिप्पणी के बीच प्रभावी संतुलन है। बाद में फिल्म को क्रिटिक्स चॉइस अवार्ड के लिए नामांकित किया गया, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई।

 

उनकी संपादन शैली भव्यता पर जोर देने के बजाय, अभिनय, मौन और लय को भावनात्मक गहराई प्रदान करती है।

 

यह संवेदनशीलता उनकी पूरी फिल्मोग्राफी में झलकती है।  एलेक्स बुश द्वारा निर्देशित मनोवैज्ञानिक थ्रिलर ‘बीवेयर द वुल्व्स’ में वैष्णवी ने एक तनावपूर्ण और प्रभावशाली कथानक का निर्माण किया, जिसका प्रीमियर उत्तरी अमेरिका के प्रमुख फिल्म समारोहों में से एक, एएफआई फेस्ट में हुआ। यह लघु फिल्मों के लिए अकादमी पुरस्कार® के लिए अर्हता प्राप्त करने वाला कार्यक्रम है। इसके बाद इसे ‘डांसेज विद फिल्म्स’ में प्रदर्शित किया गया और असाधारण फिल्मकारों को सम्मानित करने वाले क्रिएटिव आर्टिस्ट्स एजेंसी के विशेष आमंत्रण पर आधारित ‘मोएबियस शोकेस’ के लिए चुना गया।

 

रीना दत्त द्वारा निर्देशित फिल्म ‘कंफर्ट फूड’ का प्रीमियर डायरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका में हुआ, जिसके बाद इसे सीएएएमफेस्ट और ब्रेवमेकर फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। इसी बीच, ‘वेलनेस’ को नेटफ्लिक्स-तस्वीर शॉर्ट फिल्म फंड के लिए चुना गया, जो दक्षिण एशियाई मौलिक कहानियों को बढ़ावा देने वाली एक बेहद प्रतिस्पर्धी पहल है। उपाध्याय ने सिमरन स्वाहनी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘टैंगल्ड’ का संपादन भी किया है, जिसे ‘द साउंड ऑफ साइलेंट फिल्म फेस्टिवल’, जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, दिल्ली शॉर्ट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और फीनिक्स फिल्म फेस्टिवल सहित कई फिल्म समारोहों में आधिकारिक रूप से चुना गया है।

 

ये सभी परियोजनाएं एक ऐसे संपादक की क्षमता को दर्शाती हैं जो भौगोलिक सीमाओं से परे भावनात्मक अनुभव रचते हुए सांस्कृतिक विशिष्टता को संरक्षित करने में सक्षम हैं।

 

जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई सिनेमा वैश्विक मनोरंजन जगत में अपनी जगह बना रहा है, कैमरे के पीछे इन कहानियों को आकार देने वाले रचनात्मक पेशेवरों पर नए सिरे से ध्यान दिया जा रहा है। संपादक, जिन्हें कभी अदृश्य सहयोगी माना जाता था, अब तेजी से ऐसे लेखकों के रूप में पहचाने जा रहे हैं जो कहानियों की व्याख्या और उन्हें याद रखने के तरीके को प्रभावित करते हैं।

 

स्वतंत्र सिनेमा, वृत्तचित्र और व्यावसायिक कहानी कहने के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कार्यों की बढ़ती संख्या के साथ, वैष्णवी उपाध्याय संपादकों की एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं जो एक-एक कट के साथ वैश्विक फिल्म निर्माण को नया रूप देने में योगदान दे रही हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान

Dharmendra Pradhan resigned as Education Minister, writing in a post that he respected the sentiments of the youth.

संवाददाता: अक्षय चौधरी।

 

 

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों और चौतरफा दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही थी और इस इस्तीफे को परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

 

 

 

 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का पत्र जारी किया। जिसमें उन्होंने लिखा- मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

 

 

उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है।

 

 

 

आदरणीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने आगे लिखा, तीन मई 2026 को हुई नीट-यूजी की परीक्षा में अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तारीख की घोषणा की। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया।

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए ‘पूरी सरकार का समन्वित दृष्टिकोण’ के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, खासकर जिला प्रशासन की अहम भूमिका रही। उन्होंने आगे कहा, साथ ही छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से मैंने इसकी जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने आगे लिखा, 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।

 

श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन, निकली झांकी व हुआ विशाल भंडारा

श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन, निकली झांकी व हुआ विशाल भंडारा

The grand finale of the Pran Pratishtha Mahotsav at the Shri Ram Vatika Hanuman Temple included a tableau display and a large feast.

संवाददाता: अक्षय चौधरी

 

मेरठ। लोहिया नगर, हापुड़ रोड स्थित श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को भव्य समापन हुआ। यह धार्मिक आयोजन 18 जुलाई से प्रारंभ होकर पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

 

समापन दिवस पर प्रातः 8:00 बजे विधिवत पूजन एवं हवन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके पश्चात सुबह 10:00 बजे नगर ब्राह्मणों की उपस्थिति में भव्य झांकी निकाली गई, जिसने क्षेत्र में धार्मिक माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया।

संवाददाता: अक्षय चौधरी

दोपहर 1:00 बजे से विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रांगण में दिनभर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली और सभी ने कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

 

इस संपूर्ण आयोजन का सफल संचालन श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा किया गया।

 

इस अवसर पर मंदिर समिति के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें पंडित लाल बहादुर मिश्रा (अध्यक्ष), श्री रकम सिंह, श्री सुनील शर्मा (उपाध्यक्ष), श्री बिट्टू पाल, श्री राकेश मिश्रा (कोषाध्यक्ष), श्री रवि गुप्ता (महासचिव), श्री बृज गोपाल (सचिव), श्री अनिल तिवारी (सह सचिव), सुनील पाल (संगठन मंत्री) एवं सन्नी गुप्ता (कानूनी सलाहकार मंत्री) शामिल रहे।

संवाददाता: अक्षय चौधरी

 

 

इसके अतिरिक्त कार्यकर्ताओं में मुकेश रस्तोगी, दीपक मिश्रा, अनिल शर्मा, गौरव शर्मा, शिवम शर्मा, राहुल मिश्रा, राज अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

 

मंदिर समिति ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।

पति की मौत के बाद इंसाफ के लिए भटक रही महिला, आयुक्त से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

पति की मौत के बाद इंसाफ के लिए भटक रही महिला, आयुक्त से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

A woman seeking justice after her husband’s death has appealed to the commissioner for a fair investigation.

 

मेरठ संवाददाता :अक्षय चौधरी

 

 

मेरठ के दौराला क्षेत्र की महिला ने परिजनों, पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

मेरठ। दौराला थाना क्षेत्र के शाहपुर जदीद निवासी कमला देवी ने मेरठ मंडल के आयुक्त को प्रार्थना-पत्र देकर अपने पति रणीवीर सिंह की मौत और उसके बाद हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

 

महिला का आरोप है कि 27 मार्च 2025 को उसके पति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इसके बाद उसे समय पर घटना की जानकारी नहीं दी गई और बिना जानकारी के मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया गया। महिला का कहना है कि पति की मौत के बाद संपत्ति और अन्य मामलों को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया गया।

 

प्रार्थना-पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के कुछ लोगों ने उसके साथ और उसकी बेटी के साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी तथा घर और खेती पर कब्जा करने का प्रयास किया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उसकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई और मेडिकल कराने में भी लापरवाही बरती गई।

 

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ मामलों में गलत मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि उसकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही उसने पुलिस अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

 

कमला देवी ने आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कराने तथा उसे न्याय दिलाने की अपील की है।

रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छाए सुशील तरंग के नए हरियाणवी गीत

रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छाए सुशील तरंग के नए हरियाणवी गीत

Sushil Tarang’s new Haryanvi song became a hit on social media as soon as it was released.

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

‘रे हरियाणे की छोरी तेरी कमर पे’ और ‘मैंने बावन गज का घाघरा सिलवाई दे’ को मिला श्रोताओं का भरपूर प्यार

स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देकर मेरठ का नाम रोशन कर रहे हैं सुशील तरंग: अवनीश त्यागी मुख्य अतिथि

विवेक म्यूजिक 111 यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए दोनों गीत, कलाकारों व संगीत प्रेमियों ने दी सफलता की शुभकामनाएं

 

टी-सीरीज तक पहुंची सुशील तरंग की लेखनी , अब दो नए गीतों का हुआ भव्य लोकार्पण

मेरठ। गंगानगर स्थित कृष्णा रेस्टोरेंट में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने प्रसिद्ध गीतकार एवं साहित्यकार सुशील तरंग द्वारा लिखित दो नए हरियाणवी गीत ‘रे हरियाणे की छोरी तेरी कमर पे’ (रीमिक्स) तथा ‘मैंने बावन गज का घाघरा सिलवाई दे’ का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर कलाकारों, संगीत प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने दोनों गीतों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि दोनों गीत विवेक म्यूजिक 111 यूट्यूब चैनल पर रिलीज किए गए हैं। रिलीज होते ही दोनों गीतों को दर्शकों और श्रोताओं का भरपूर प्यार मिल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ये गीत तेजी से वायरल हो रहे हैं तथा विभिन्न डिजिटल मंचों पर भी इनकी सराहना की जा रही है। हरियाणवी लोक संगीत और आधुनिक संगीत के अनूठे मिश्रण ने इन गीतों को युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय बना दिया है।
मुख्य अतिथि अवनीश त्यागी ने कहा कि मेरठ की प्रतिभाएं आज संगीत, साहित्य और कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशील तरंग वर्षों से अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। उनके प्रयास न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर रहे हैं, बल्कि युवाओं को अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं से भी जोड़ रहे हैं। उन्होंने दोनों गीतों की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक कार्य समाज और संस्कृति को नई दिशा प्रदान करते हैं।
गीतकार सुशील तरंग ने कहा कि किसी भी गीत की सफलता पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम होती है। उन्होंने बताया कि ‘रे हरियाणे की छोरी तेरी कमर पे’ गीत को सफल बनाने में भगत सिंह, शालू गौतम, एस-डी- हरियाणवी, एस-के-सेंटी, फैजान, यासीन सहित अन्य कलाकारों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। वहीं ‘मैंने बावन गज का घाघरा सिलवाई दे’ गीत में गायिका विनी इटोरिया, खुशी, मनीष भड़ाना और लुक्का भाई ने अपनी विशेष भूमिका निभाई है।
वक्ताओं ने बताया कि सुशील तरंग का संगीत जगत से पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है। इससे पूर्व उनके लिऽे हुए अनेक गीत प्रतिष्ठित संगीत कंपनी टी-सीरीज के माध्यम से रिलीज हो चुके हैं। उनकी चर्चित भजन एल्बम ‘साईं सुमिरन बोल’ भी श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय रही है, जिसमें कविता कृष्ण मूर्ति, वंदना वाजपेयी और कुमार विशु जैसे ख्याति प्राप्त कलाकारों ने अपनी आवाज दी है। इन परियोजनाओं में संगीत निर्देशक राकेश जौहरी का विशेष योगदान रहा है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सुशील तरंग ने अपनी लेऽनी के माध्यम से लोक संस्कृति, अध्यात्म और सामाजिक सरोकारों को गीतों में स्थान देकर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके लिऽे अनेक गीत और भजन समय-समय पर विभिन्न मंचों से रिलीज होकर लोकप्रियता प्राप्त कर चुके हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों, गायकों एवं सहयोगियों का सम्मान किया गया तथा दोनों गीतों की सफलता के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि ये दोनों गीत आने वाले समय में हरियाणवी संगीत प्रेमियों के बीच नई पहचान स्थापित करेंगे और लोकप्रियता के नए आयाम छुएंगे। इस अवसर पर सुशील तरंग गीतकार, भाजपा नेता विनोद खटीक, रिटायर्ड पुलिस क्षेत्राधिकारी गमैलेश्वर बेल्टोरिया, सहयोगी कुलभूषण जी मौजूद रहे।

किराना दुकानदार के बेटे ने रचा इतिहास, CVPS के छात्र अभिषेक अग्रवाल बने NEET मेरठ टॉपर।

किराना दुकानदार के बेटे ने रचा इतिहास, CVPS के छात्र अभिषेक अग्रवाल बने NEET मेरठ टॉपर।

Grocer’s son creates history, CVPS student Abhishek Agarwal becomes NEET Meerut topper.

संवाददाता :मेरठ अक्षय चौधरी

मेरठ। सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल (CVPS) के छात्र अभिषेक अग्रवाल ने NEET UG 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 665 अंक (720 में से) प्राप्त किए और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 725 हासिल कर मेरठ टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। अभिषेक की सफलता ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

 

स्कूल परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय सबसे पहले अपने माता-पिता, भगवान और अपने गुरु डॉ. आर्यन अग्रवाल को दिया। उन्होंने बताया कि डॉ. अग्रवाल ने चार वर्षों तक व्यक्तिगत मेंटरशिप, नियमित मूल्यांकन, डाउट सॉल्विंग, समय प्रबंधन और मोटिवेशन के माध्यम से उनकी तैयारी को मजबूत बनाया।

 

 

अभिषेक ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक रूप से बहुत संपन्न नहीं है। उनके पिता एक छोटी किराना दुकान चलाते हैं और पढ़ाई के साथ-साथ वह शाम के समय पिता का हाथ भी बंटाते थे। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।

 

उन्होंने कहा कि CVPS Integrated STAR Course ने उनकी तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्थान की ओर से अध्ययन सामग्री, डीपीपी, टेस्ट, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग लगातार मिलता रहा, जिससे उनकी तैयारी और बेहतर होती गई।

 

अभिषेक ने बताया कि NEET परीक्षा स्थगित होने की स्थिति में वह मानसिक रूप से परेशान थे, लेकिन डॉ. आर्यन अग्रवाल और परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया, जिससे उन्होंने बिना निराश हुए तैयारी जारी रखी।

 

उन्होंने यह भी बताया कि CBSE बोर्ड परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के बाद उनके अंक बढ़कर 98.4 प्रतिशत हो गए, जिससे वह मेरठ के द्वितीय विज्ञान टॉपर बने। इसके अलावा उन्होंने JEE Advanced भी उत्तीर्ण किया और 98.91 पर्सेंटाइल प्राप्त कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।

 

भावुक होते हुए अभिषेक ने कहा, “यदि मेरी जिंदगी में डॉ. आर्यन अग्रवाल नहीं होते, तो शायद मैं NEET में यह मुकाम हासिल नहीं कर पाता। उन्होंने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया और मेरा आत्मविश्वास हमेशा बनाए रखा।”

 

अंत में अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल, CVPS Integrated STAR Course, सभी शिक्षकों और प्रबंधन को देते हुए विद्यार्थियों से अनुशासन, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

3.50 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने ज्योति त्यागी पर लगाए गंभीर आरोप

3.50 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने ज्योति त्यागी पर लगाए गंभीर आरोप

 

State President Ravindra Gurjar leveled serious allegations against Jyoti Tyagi for fraud of Rs 3.50 crore.

संवाददाता :अक्षय चौधरी

 

मेरठ: जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ज्योति त्यागी पर 3 करोड़ 50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है।

 

 

प्रेस नोट के अनुसार, रविंद्र गुर्जर का कहना है कि ज्योति त्यागी ने उनके साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में दर्ज मुकदमे की कार्रवाई को प्रभावित करने और नाम हटवाने के नाम पर उन्हें गुमराह किया गया।

 

रविंद्र गुर्जर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे प्रकरण का खुलासा हो सकता है।

स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, 23 महिलाएं रेस्क्यू, 6 गिरफ्तार

स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, 23 महिलाएं रेस्क्यू, 6 गिरफ्तार

Prostitution racket busted under the guise of a spa centre, 23 women rescued, 6 arrested

गाजियाबाद संवाददाता: नितिन कुमार

 

गाजियाबाद। कौशांबी थाना क्षेत्र में शनिवार को पुलिस ने स्पा सेंटर पर बड़ी छापेमारी कर कथित देह व्यापार के नेटवर्क का खुलासा किया। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमों ने कार्रवाई करते हुए 23 महिलाओं को रेस्क्यू किया, जबकि 5 ग्राहकों और स्पा सेंटर के एक कर्मचारी समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

 

 

पुलिस के अनुसार, मौके से आपत्तिजनक सामग्री और कई मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। थाना प्रभारी अजय शर्मा ने बताया कि मामले में अनैतिक देह व्यापार से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

 

पूछताछ में गिरफ्तार ग्राहकों ने बताया कि वे मसाज के बहाने स्पा सेंटर आते थे, जहां उनसे 4 से 5 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। वहीं, रेस्क्यू की गई महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली और गाजियाबाद की रहने वाली हैं तथा उन्हें 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था। उनके अनुसार, शाम के समय ग्राहक आते थे और मसाज के नाम पर करीब 2 हजार रुपये लिए जाते थे।

 

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ में अवैध स्पा सेंटरों की जांच की मांग, एसएसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र

मेरठ में अवैध स्पा सेंटरों की जांच की मांग, एसएसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र

A petition was submitted to the SSP demanding an investigation into illegal spa centers in Meerut.

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

मेरठ। शहर में संचालित कथित अवैध स्पा सेंटरों की निष्पक्ष जांच कर संचालकों एवं संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मेरठ को एक प्रार्थना पत्र सौंपा गया।

 

ललित जोशी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि मेरठ शहर में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित रूप से अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शिकायत के अनुसार, इन स्पा सेंटरों के कर्मचारियों द्वारा लोगों को मसाज के नाम पर बुलाया जाता है और बाद में अन्य सेवाओं के लिए कथित रूप से प्रलोभन देकर अतिरिक्त धन की मांग की जाती है।

 

शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि जब-जब पुलिस कार्रवाई होती है, तब कई बार मौके पर मौजूद ग्राहकों पर कार्रवाई हो जाती है, जबकि वास्तविक संचालक, मालिक और पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले लोग कार्रवाई से बच निकलते हैं। इससे अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती और गतिविधियां दोबारा शुरू हो जाती हैं।

 

प्रार्थना पत्र में एसएसपी से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए, अवैध गतिविधियों में संलिप्त वास्तविक संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर संरक्षण दिए जाने के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और सामाजिक वातावरण बेहतर बना रहेगा।

DM के औचक निरीक्षण में जिला अस्पताल की खुली पोल: बाहर की दवाएं लिखने से लेकर किचन की लापरवाही तक उजागर।

DM के औचक निरीक्षण में जिला अस्पताल की खुली पोल: बाहर की दवाएं लिखने से लेकर किचन की लापरवाही तक उजागर।

District hospital’s secrets exposed during DM’s surprise inspection: From prescribing outside medicines to kitchen negligence, everything was exposed.

संवाददाता: अक्षय चौधरी

मेरठ। मेरठ के पीएल शर्मा जिला अस्पताल में शनिवार दोपहर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने सीएमओ डॉ. रामप्रसाद के साथ औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, दवा वितरण और किचन व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। खामियां मिलने पर जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन, एसआईसी और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई तथा तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

 

निरीक्षण की शुरुआत इमरजेंसी वार्ड से हुई, जहां डीएम ने मरीजों से इलाज और दवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। कई मरीजों ने शिकायत की कि उन्हें अस्पताल के बजाय बाहर से दवाएं खरीदने के लिए लिखा जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का ही अधिकतम उपयोग किया जाए। यदि कोई दवा उपलब्ध न हो तो उसका वैकल्पिक विकल्प मरीज को दिया जाए और विकल्प भी न होने पर ही नियमानुसार बाहर की दवा लिखी जाए।

 

अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं फार्मेसी स्टोर के निरीक्षण में पाया गया कि स्टॉक रजिस्टर लंबे समय से अपडेट नहीं था, जिससे दवाओं का मिलान करने में कठिनाई हुई। डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को आंतरिक जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

 

निरीक्षण के दौरान अस्पताल की किचन व्यवस्था भी सवालों के घेरे में रही। किचन में खाद्य सामग्री का पर्याप्त स्टॉक नहीं मिला और स्टॉक रजिस्टर का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं पाया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मरीजों के भोजन के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण रखा जाए तथा गुणवत्ता और मात्रा की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

 

किचन प्रभारी की कार्यप्रणाली पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। स्टोर रजिस्टर की जांच में पिछले चार महीने से प्रभारी के हस्ताक्षर नहीं मिले। इस पर जिलाधिकारी ने एसआईसी को निर्देश दिए कि ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारी को तत्काल महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से हटाया जाए और पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय की जाए।

 

जिलाधिकारी ने जब मरीजों के भोजन की जानकारी ली तो बताया गया कि 125 मरीजों और उनके एक-एक तीमारदार के लिए भोजन तैयार होना है। मौके पर रखी कटी हुई सब्जी का वजन कराया गया, जो मात्र साढ़े नौ किलो निकली। इसे पर्याप्त न मानते हुए डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने और व्यवस्था सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने के निर्देश दिए।