“बिग ब्रेकिंग” दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई का आरोप “एसएससी अविनाश पांडे” ने अपने चेंबर में डेढ़ घंटे तक दलित नेता को पीटा।

“बिग ब्रेकिंग” दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई का आरोप “एसएससी अविनाश पांडे” ने अपने चेंबर में डेढ़ घंटे तक दलित नेता को पीटा।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

“Big Breaking” Accused of beating Digvijay Bhati and Mohit Jatav “SSC Avinash Pandey” beat the Dalit leader for one and a half hour in his chamber.

“SSP के चेंबर में डेढ़ घंटे तक पिटा, एसओजी ऑफिस में बांधकर मारा इंस्पेक्टर अखिलेश गॉड ने” किसान नेताओं के साथ बर्बरता के आरोप।

 

मेरठ में दलित छात्रा ललित गौतम मर्डर केस में हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज के मामले में दो किसान नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ पुलिस हिरासत में बर्बरता का गंभीर आरोप लगा है एसपी अविनाश पांडे को हटा दिया गया है उन्हें डीजीपी हेड क्वार्टर से अटैच कर दिया गया है।

 

क्या है पूरा मामला ?

 

ललिता गौतम मर्डर केस में प्रदर्शन और लाठी चार्ज को लेकर दिग्विजय भाटी और बहुत जाटव को आरोपी बनाया गया था सरकार के दखल के बाद मामला ठंडा पड़ा और दोनों की जमानत हो गई थी सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शन और लाठी चार्ज में दिग्विजय भाटी सामिल भी नहीं थे।

 

किसान नेताओं ने क्या बताया?

 

आरोप है कि कल एसपी ने दोनों को अपने ऑफिस में बुलाया। पहले गालियां दी,फिर अपने पर्सनल चेंबर में बंद कर करीब डेढ़ घंटे तक जूतों घुसो और लातों से पिटा ।

 

इसके बाद दोनों को जिले की एसओजी के हवाले कर दिया गया SOG ऑफिस में इंस्पेक्टर अखिलेश गॉड पर आरोप है कि उन्होंने दोनों के पैर बांधकर उल्टा लटकाया और तलवों कमर और पीठ पर लाठियां से बुरी तरह मारा।

 

सामने आए चोटो के निशान।

 

 

आज सुबह दोनों से मुलाकात के बाद चोटों के साथ सामने तस्वीरों में दिग्विजय भाटी की एक आंख पर गंभीर सूजन और चोट सब देखी जा सकती है।

मेरठ के SSP अविनाश पांडेय का तबादला, बीबीजीटीएस मूर्ति होंगे नए कप्तान

मेरठ के SSP अविनाश पांडेय का तबादला, बीबीजीटीएस मूर्ति होंगे नए कप्तान

Meerut SSP Avinash Pandey transferred, BBGTS Murthy to be the new captain

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय का तबादला कर दिया गया है। उन्हें लखनऊ में पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। शासन की ओर से 20 अगस्त की रात नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की गई।
अविनाश पांडेय की जगह 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। मूर्ति इससे पहले झांसी के SSP के पद पर तैनात थे। अब मेरठ की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
शासन के इस फेरबदल में मेरठ और झांसी समेत कई जिलों के पुलिस कप्तानों को बदला गया है। अविनाश पांडेय का मेरठ से लखनऊ स्थानांतरण ऐसे समय हुआ है, जब पिछले कुछ समय से मेरठ पुलिस से जुड़े कई मामले चर्चा में रहे हैं।
बीबीजीटीएस मूर्ति के सामने मेरठ में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और पुलिस की कार्यप्रणाली में बेहतर समन्वय की चुनौती होगी। अब सभी की निगाहें नए SSP के कार्यभार संभालने और उनकी प्राथमिकताओं पर रहेंगी।
मेरठ में अस्पतालों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई पर उठे सवाल, एमडीए की कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

मेरठ में अस्पतालों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई पर उठे सवाल, एमडीए की कार्यप्रणाली पर स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

Questions raised over action against illegal construction of hospitals in Meerut, locals expressed displeasure over the functioning of MDA

मेरठ संवाददाता :अक्षय चौधरी

मेरठ। जनपद में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के क्षेत्र में आने वाले कंकरखेड़ा पुल के नीचे लाइफ लाइन हॉस्पिटल का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के नियमों के विपरीत तेजी से कराया जा रहा है।

 

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस निर्माण को लेकर संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी है। लोगों का आरोप है कि जहां एक ओर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, वहीं प्रभावशाली लोगों से जुड़े निर्माणों के मामले में कार्रवाई की गति बेहद धीमी नजर आती है।

 

बताया जा रहा है कि डॉ. टी.के. राना से जुड़े लाइफ लाइन हॉस्पिटल के निर्माण की अनुमति, स्वीकृत मानचित्र और भवन निर्माण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाया जाता है तो एमडीए को नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद सवाल?

 

अवैध निर्माणों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर सख्त निर्देश दिए जाते रहे हैं। ऐसे में मेरठ में नियमों के विपरीत निर्माण होने के आरोपों पर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि अस्पताल का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुसार हो रहा है या नहीं।

 

लोगों का यह भी कहना है कि यदि निर्माण में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

 

राजस्व नुकसान का भी आरोप।

 

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, अवैध निर्माणों के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ शहर की नियोजित विकास व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उनका कहना है कि लाइफ लाइन हॉस्पिटल के निर्माण और वर्तमान में संचालित भवन की स्वीकृति, मानचित्र, भूमि उपयोग तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच कराई जाए।

मेरठ: दिल्ली रोड के शंभू नगर में मानचित्र स्वीकृत के बिना होता तीन मंजिला निर्माण, अधिकारियों की कार्रवाई मोन।

मेरठ: दिल्ली रोड के शंभू नगर में मानचित्र स्वीकृत के बिना होता तीन मंजिला निर्माण, अधिकारियों की कार्रवाई मोन।

 

मेरठ संवाददाता :अक्षय चौधरी

Meerut: Three-storey construction underway in Shambhu Nagar on Delhi Road without approved map, officials silent on action.

 

मेरठ के दिल्ली रोड स्थित शंभू नगर में गुरुद्वारे से आगे तीसरी गली में नियमों को ताक पर रखकर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कार्य जारी है।

 

जानकारी के अनुसार अवैध निर्माण कर्ता  का नाम राजेंद्र सिंह बताया जा रहा है। लगातार बिल्डर राजस्व को चोरी कर रहे है। और अधिकारियों को कानों कान खबर तक नहीं है या मानो खबर लेना ही न चाहते हो, मामला मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन खंड जोन सी 4 क्षेत्र का है जहां लगातार राजस्व की चोरी हो रही है एवं बिल्डर अपनी जेबें भरने में लगे हुए है। अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

प्रेस क्लब में शान से लहराया तिरंगा, पत्रकारों ने लिया एकजुटता का संकल्प

प्रेस क्लब में शान से लहराया तिरंगा, पत्रकारों ने लिया एकजुटता का संकल्प

 मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी।

The tricolor was hoisted with pride at the Press Club, journalists took a pledge of unity.

 

मेरठ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को प्रेस क्लब में देशभक्ति और एकता का संदेश देते हुए तिरंगा शान से फहराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एकजुट होकर कार्य करने और समाजहित में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। इस दौरान राष्ट्रगान भी गाया गया।

कार्यक्रम में प्रेस क्लब के संयोजक दिनेश चंद्रा ने सभी पत्रकार साथियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

जन समाधान मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव शर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पत्रकारों को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जिम्मेदारी को समझते हुए समाज और राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

 

 

वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन सकाल ने भी अपने संबोधन में पत्रकारों से एकजुट रहने और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपसी एकता और सहयोग से पत्रकार समाज की आवाज को और मजबूती से सामने रख सकते हैं।

कार्यक्रम में हिंदुस्तान के पूर्व संपादक पुष्पेंद्र शर्मा, प्रेस क्लब के संयोजक दिनेश चंद्रा, संरक्षक इंद्रमोहन आहूजा, कोषाध्यक्ष मुकेश गोयल, जन समाधान मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव शर्मा, राष्ट्रीय सचिव विजय वर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनिल पुरोहित, जिलाध्यक्ष अक्षय चौधरी, महिला जिलाध्यक्ष चीनू चौधरी सहित त्रिनाथ मिश्रा, विनोद गोस्वामी, साफिरोज सैफी, अनवर वारसी, ओमपाल ठाकुर, उत्कर्ष मलिक, शाइन प्रवीन, पूजा रावत, रेशू चौधरी, नैना त्यागी, मंगल पांडे, नगर समिति के सचिव देवेंद्र तोमर तथा सामाजिक कार्यकर्ता अदिति चंद्रा मौजूद रहीं।

कार्यक्रम के समापन पर सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया।

जनसामाधन, मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने सिवाया टोल के पास एनएच अट्ठावन पर लगाया कांवड़ सेवा शिविर।

जनसामाधन, मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने सिवाया टोल के पास एनएच अट्ठावन पर लगाया कांवड़  शिविर।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

Jansamadhan, Media Trust of India set up a Kanwar camp on NH 58 near Siwaya toll.

सनातन हिन्दू वाहिनी( भारत ) के प्रदेश एवं प्राचीन झारखंडी महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर (महन्त ओघड़ संजयनाथ योगी जी महाराज) शिविर में पधारे।

 

सावन माह के पावन पवित्र महीने में गंगाजल को लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे शिव भक्तों का उत्साह चरम सीमा पर है इसी क्रम में मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा के निकट जन समाधान मीडिया ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया द्वारा कावड़ सेवा शिविर एवं भंडारे का शुभारंभ किया गया।

 

शिविर में कावड़ियों के लिए शुद्ध नाश्ता, भोजन, स्नान, विश्राम तथा दवाईयां सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई। शिविर में बड़ी संख्या में कांवडियो की भीड़ उमड़ रही थी। इस अवसर पर सनातन हिंदू वाहिनी ( भारत ) के प्रदेश एवं प्राचीन झारखंडी महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर महंत ओघड (संजय नाथ योगी जी महाराज) शिविर में पधारे।

 

 

वहां ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा उन्हें प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि सनातन हिंदू वाहिनी भारत के संरक्षक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज हैं। तथा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत जी महाराज पीठाधीश्वर कालकाजी पीठ दिल्ली है।

 

 

शिविर के दौरान( महंत ओघडनाथ संजय नाथ योगी जी महाराज) ने जन समाधान मीडिया ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय संरक्षक प्रमोद कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव शर्मा, राष्ट्रीय सचिव विजय वर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनिल पुरोहित, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय चौधरी दबतवा, जिला अध्यक्ष अक्षय चौधरी, महिला जिलाध्यक्ष चीनू चौधरी को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। भक्तों का भी जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें भी प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।

 

द प्रेस क्लब के महामंत्री एवं वरिष्ठ पत्रकार नेशनल हेड अपना जिला के•के• शर्मा जी भी वहां पहुंचे।

उन्होंने भी कावड सीवर व वहां पर सभी व्यवस्थाओं की काफी तारीफ की।उन्हें भी जन समाधान मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष अक्षय चौधरी ने प्रतीक चिह्न भेंटकर उनको भी सम्मानित किया।

पर्दे के पीछे: कैसे वैष्णवी उपाध्याय ग्लोबल दर्शकों के लिए दक्षिण एशियाई कहानियों को नया रूप दे रही है।

पर्दे के पीछे: कैसे वैष्णवी उपाध्याय ग्लोबल दर्शकों के लिए दक्षिण एशियाई कहानियों को नया रूप दे रही है।

Behind the scenes: How Vaishnavi Upadhyay is reinventing South Asian stories for a global audience.

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

9639100100

 

जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई कहानियाँ ग्लोबल दर्शकों तक पहुँच रही हैं, अलग-अलग संस्कृतियों में इन कहानियों को कैसे देखा और समझा जाता है, इसे आकार देने में एडिटर्स की भूमिका अहम होती जा रही है।

 

दशकों से, दक्षिण एशियाई सिनेमा पर बातचीत डायरेक्टर, एक्टर और राइटर के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। एडिटर्स—वे कहानीकार जो प्रोडक्शन खत्म होने के काफी समय बाद फिल्म को आकार देते हैं—अक्सर लाइमलाइट से दूर ही रहे हैं।

 

जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई कहानी कहने का दायरा ग्लोबल फेस्टिवल, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ रहा है, एडिटर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। वे सिर्फ़ फुटेज को एक साथ नहीं जोड़ रहे होते; वे यह तय करते हैं कि दर्शक अनजान दुनिया, संस्कृतियों और अनुभवों से कैसे जुड़ेंगे।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

भारत में जन्मी एडिटर वैष्णवी “वैश” उपाध्याय इस बदलती भूमिका का प्रतिनिधित्व करती हैं। नैरेटिव, डॉक्यूमेंट्री और कमर्शियल स्टोरीटेलिंग में काम करते हुए, वैष्णवी ने ऐसा काम किया है जो आज की फिल्ममेकिंग के ग्लोबल स्वरूप को दर्शाता है—एक ऐसा स्वरूप जहाँ सांस्कृतिक विशिष्टता और सार्वभौमिक भावनाएँ एक साथ मौजूद होती हैं।

 

वैष्णवी कहती हैं, “एक एडिटर के तौर पर, आप लगातार सोचते रहते हैं कि क्या बचाकर रखना है और क्या नया खोजना है।” “जब कोई कहानी किसी खास संस्कृति से जुड़ी होती है, तो ज़िम्मेदारी हर छोटी-बड़ी बात का अनुवाद करने की नहीं होती; बल्कि उस दुनिया की सच्चाई को बनाए रखते हुए उस भावनात्मक कड़ी को खोजना होता है जो लोगों को उससे जोड़ती है। सबसे असरदार कहानियाँ दर्शकों को याद दिलाती हैं कि अनजान अनुभवों में भी कुछ बहुत मानवीय हो सकता है।”

 

भारत में पली-बढ़ीं और बाद में अमेरिकन फिल्म इंस्टीट्यूट कंज़र्वेटरी से एडिटिंग में MFA करने के लिए लॉस एंजिल्स गईं वैष्णवी, कई तरह की सिनेमाई परंपराओं से प्रभावित नज़रिया रखती हैं। भारत भर में यात्रा करने के दौरान उन्हें कई तरह के समुदायों, भाषाओं और रोज़मर्रा के अनुभवों से रूबरू होने का मौका मिला—इन अनुभवों ने उनके काम की भावनात्मक बारीकियों को प्रभावित किया है।

 

इस नज़रिए को इंडस्ट्री में जल्द ही पहचान मिली। AFI में अपने समय के दौरान, वैष्णवी को ‘डिज्नी डायवर्स स्टोरीटेलर्स फंड स्कॉलरशिप’ मिली, जो उन फिल्ममेकर्स को सम्मानित करती है जिनका काम मनोरंजन की दुनिया को और अधिक समावेशी बनाने में योगदान देता है। बाद में उन्हें अपनी क्लास से एकमात्र एडिटिंग फेलो के तौर पर AFI का प्रतिनिधित्व करने के लिए ‘टेलुराइड फिल्मलैब’ के लिए चुना गया, जो टेलुराइड फिल्म फेस्टिवल के साथ आयोजित होने वाला एक प्रतिष्ठित मेंटरशिप प्रोग्राम है।

 

यह सोच डायरेक्टर यश सराफ की बंगाली भाषा की अनोखी शॉर्ट फिल्म ‘मोती’ में खास तौर पर दिखाई देती है। यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसके प्यारे कुत्ते का रहस्यमयी तरीके से एक छोटे लड़के में बदलाव हो जाता है। अपनी अनोखी कहानी के ज़रिए, यह फिल्म अपनापन, स्वीकार्यता और बिना शर्त प्यार जैसे विषयों को दिखाती है।  वैष्णवी द्वारा एडिट की गई ‘मोती’ अपने फ़ेस्टिवल सीज़न की सबसे ज़्यादा यात्रा करने वाली दक्षिण एशियाई स्वतंत्र शॉर्ट फ़िल्मों में से एक बन गई। इसे फैंटास्टिक फ़ेस्ट, शॉर्ट शॉर्ट्स फ़िल्म फ़ेस्टिवल एंड एशिया और हवाई इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल समेत 35 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फ़ेस्टिवलों में दिखाया गया।

 

 

कैम्ब्रिज फिल्म फेस्टिवल, धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित।

 

फिल्म को इटली के लुक्का फिल्म फेस्टिवल में आधिकारिक जूरी पुरस्कार, वेंचर फिल्म फेस्टिवल में विशेष उल्लेख और लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में सत्यजीत रे शॉर्ट फिल्म पुरस्कार मिला। लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल यूरोप का सबसे बड़ा भारतीय और दक्षिण एशियाई फिल्म फेस्टिवल है, जहां जूरी ने फिल्म की “मौलिकता और सशक्त अभिनय” की प्रशंसा करते हुए कहा कि फिल्म के डार्क ह्यूमर और समाज में असामान्य चीजों से निपटने के तरीके पर इसकी सामाजिक टिप्पणी के बीच प्रभावी संतुलन है। बाद में फिल्म को क्रिटिक्स चॉइस अवार्ड के लिए नामांकित किया गया, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई।

 

उनकी संपादन शैली भव्यता पर जोर देने के बजाय, अभिनय, मौन और लय को भावनात्मक गहराई प्रदान करती है।

 

यह संवेदनशीलता उनकी पूरी फिल्मोग्राफी में झलकती है।  एलेक्स बुश द्वारा निर्देशित मनोवैज्ञानिक थ्रिलर ‘बीवेयर द वुल्व्स’ में वैष्णवी ने एक तनावपूर्ण और प्रभावशाली कथानक का निर्माण किया, जिसका प्रीमियर उत्तरी अमेरिका के प्रमुख फिल्म समारोहों में से एक, एएफआई फेस्ट में हुआ। यह लघु फिल्मों के लिए अकादमी पुरस्कार® के लिए अर्हता प्राप्त करने वाला कार्यक्रम है। इसके बाद इसे ‘डांसेज विद फिल्म्स’ में प्रदर्शित किया गया और असाधारण फिल्मकारों को सम्मानित करने वाले क्रिएटिव आर्टिस्ट्स एजेंसी के विशेष आमंत्रण पर आधारित ‘मोएबियस शोकेस’ के लिए चुना गया।

 

रीना दत्त द्वारा निर्देशित फिल्म ‘कंफर्ट फूड’ का प्रीमियर डायरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका में हुआ, जिसके बाद इसे सीएएएमफेस्ट और ब्रेवमेकर फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। इसी बीच, ‘वेलनेस’ को नेटफ्लिक्स-तस्वीर शॉर्ट फिल्म फंड के लिए चुना गया, जो दक्षिण एशियाई मौलिक कहानियों को बढ़ावा देने वाली एक बेहद प्रतिस्पर्धी पहल है। उपाध्याय ने सिमरन स्वाहनी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘टैंगल्ड’ का संपादन भी किया है, जिसे ‘द साउंड ऑफ साइलेंट फिल्म फेस्टिवल’, जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, दिल्ली शॉर्ट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और फीनिक्स फिल्म फेस्टिवल सहित कई फिल्म समारोहों में आधिकारिक रूप से चुना गया है।

 

ये सभी परियोजनाएं एक ऐसे संपादक की क्षमता को दर्शाती हैं जो भौगोलिक सीमाओं से परे भावनात्मक अनुभव रचते हुए सांस्कृतिक विशिष्टता को संरक्षित करने में सक्षम हैं।

 

जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई सिनेमा वैश्विक मनोरंजन जगत में अपनी जगह बना रहा है, कैमरे के पीछे इन कहानियों को आकार देने वाले रचनात्मक पेशेवरों पर नए सिरे से ध्यान दिया जा रहा है। संपादक, जिन्हें कभी अदृश्य सहयोगी माना जाता था, अब तेजी से ऐसे लेखकों के रूप में पहचाने जा रहे हैं जो कहानियों की व्याख्या और उन्हें याद रखने के तरीके को प्रभावित करते हैं।

 

स्वतंत्र सिनेमा, वृत्तचित्र और व्यावसायिक कहानी कहने के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कार्यों की बढ़ती संख्या के साथ, वैष्णवी उपाध्याय संपादकों की एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं जो एक-एक कट के साथ वैश्विक फिल्म निर्माण को नया रूप देने में योगदान दे रही हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान

Dharmendra Pradhan resigned as Education Minister, writing in a post that he respected the sentiments of the youth.

संवाददाता: अक्षय चौधरी।

 

 

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों और चौतरफा दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही थी और इस इस्तीफे को परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

 

 

 

 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का पत्र जारी किया। जिसमें उन्होंने लिखा- मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

 

 

उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है।

 

 

 

आदरणीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने आगे लिखा, तीन मई 2026 को हुई नीट-यूजी की परीक्षा में अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तारीख की घोषणा की। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया।

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए ‘पूरी सरकार का समन्वित दृष्टिकोण’ के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, खासकर जिला प्रशासन की अहम भूमिका रही। उन्होंने आगे कहा, साथ ही छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से मैंने इसकी जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने आगे लिखा, 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।

 

श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन, निकली झांकी व हुआ विशाल भंडारा

श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन, निकली झांकी व हुआ विशाल भंडारा

The grand finale of the Pran Pratishtha Mahotsav at the Shri Ram Vatika Hanuman Temple included a tableau display and a large feast.

संवाददाता: अक्षय चौधरी

 

मेरठ। लोहिया नगर, हापुड़ रोड स्थित श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को भव्य समापन हुआ। यह धार्मिक आयोजन 18 जुलाई से प्रारंभ होकर पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

 

समापन दिवस पर प्रातः 8:00 बजे विधिवत पूजन एवं हवन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके पश्चात सुबह 10:00 बजे नगर ब्राह्मणों की उपस्थिति में भव्य झांकी निकाली गई, जिसने क्षेत्र में धार्मिक माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया।

संवाददाता: अक्षय चौधरी

दोपहर 1:00 बजे से विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रांगण में दिनभर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली और सभी ने कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

 

इस संपूर्ण आयोजन का सफल संचालन श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा किया गया।

 

इस अवसर पर मंदिर समिति के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें पंडित लाल बहादुर मिश्रा (अध्यक्ष), श्री रकम सिंह, श्री सुनील शर्मा (उपाध्यक्ष), श्री बिट्टू पाल, श्री राकेश मिश्रा (कोषाध्यक्ष), श्री रवि गुप्ता (महासचिव), श्री बृज गोपाल (सचिव), श्री अनिल तिवारी (सह सचिव), सुनील पाल (संगठन मंत्री) एवं सन्नी गुप्ता (कानूनी सलाहकार मंत्री) शामिल रहे।

संवाददाता: अक्षय चौधरी

 

 

इसके अतिरिक्त कार्यकर्ताओं में मुकेश रस्तोगी, दीपक मिश्रा, अनिल शर्मा, गौरव शर्मा, शिवम शर्मा, राहुल मिश्रा, राज अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

 

मंदिर समिति ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।

पति की मौत के बाद इंसाफ के लिए भटक रही महिला, आयुक्त से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

पति की मौत के बाद इंसाफ के लिए भटक रही महिला, आयुक्त से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

A woman seeking justice after her husband’s death has appealed to the commissioner for a fair investigation.

 

मेरठ संवाददाता :अक्षय चौधरी

 

 

मेरठ के दौराला क्षेत्र की महिला ने परिजनों, पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

मेरठ। दौराला थाना क्षेत्र के शाहपुर जदीद निवासी कमला देवी ने मेरठ मंडल के आयुक्त को प्रार्थना-पत्र देकर अपने पति रणीवीर सिंह की मौत और उसके बाद हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

 

महिला का आरोप है कि 27 मार्च 2025 को उसके पति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इसके बाद उसे समय पर घटना की जानकारी नहीं दी गई और बिना जानकारी के मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया गया। महिला का कहना है कि पति की मौत के बाद संपत्ति और अन्य मामलों को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया गया।

 

प्रार्थना-पत्र में महिला ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के कुछ लोगों ने उसके साथ और उसकी बेटी के साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी तथा घर और खेती पर कब्जा करने का प्रयास किया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उसकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई और मेडिकल कराने में भी लापरवाही बरती गई।

 

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ मामलों में गलत मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि उसकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही उसने पुलिस अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

 

कमला देवी ने आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कराने तथा उसे न्याय दिलाने की अपील की है।