लखनऊ में आउटसोर्स कर्मचारियों को श्रद्धांजलि, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल।
लखनऊ में आउटसोर्स कर्मचारियों को श्रद्धांजलि, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल।
Tribute to outsourced employees in Lucknow, serious questions raised on security arrangements.
मेरठ संवाददाता अक्षय चौधरी
लखनऊ, 1 जून 2026, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की लगातार हो रही दुर्घटनाओं और मौतों को लेकर कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने अपने ही 15 मई 2017 के आदेश का उल्लंघन करते हुए आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या में बड़े पैमाने पर कटौती की है, जिसके कारण कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ गया है और दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है।
संघ के अनुसार, पहले 36 आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थान पर 18.5 कर्मचारियों की तैनाती के लिए इंडेंट जारी किया गया तथा बाद में वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर 36 कर्मचारियों के स्थान पर मात्र 7.5 कर्मचारियों को तैनात करने के आदेश जारी किए गए। इसके चलते बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया और शेष कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार आ गया।
संघ का आरोप है कि कर्मचारियों की कमी के कारण 11 केवी आउटगोइंग फीडरों पर एक पूर्ण गैंग (एक लाइनमैन, एक पेट्रोलमैन/कुशल श्रमिक एवं दो अकुशल श्रमिक) की जगह केवल एक कर्मचारी को तैनात किया जा रहा है। साथ ही अकुशल कर्मचारियों से एचटी/एलटी लाइनों, ट्रांसफार्मरों और ब्रेकरों पर कार्य कराया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
संघ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 से 28 मई 2026 के बीच मात्र 37 दिनों में 36 आउटसोर्स कर्मचारी दुर्घटनाओं का शिकार हुए, जिनमें 22 कर्मचारियों की मृत्यु हो गई जबकि 14 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए। संघ का कहना है कि सभी दुर्घटनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है, इसलिए वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।
आरोप है कि संगठन द्वारा कई बार प्रबंधन को इन घटनाओं से अवगत कराने के बावजूद आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी के विरोध और मृतक कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में लखनऊ स्थित शक्ति भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में नियमित एवं आउटसोर्स कर्मचारियों ने भाग लिया। सभा में संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक इंजीनियर शैलेन्द्र दुबे, अभियंता संघ के महासचिव जितेन्द्र सिंह गुर्जर, हाइड्रो इलेक्ट्रिक इम्प्लाइज संगठन के प्रमोद कुमार दीक्षित तथा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन शक्ति भवन के प्रबंध निदेशक के प्रतिनिधि के रूप में प्रदीप कुमार, महाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध) ने मृतक कर्मचारियों को पुष्पांजलि अर्पित की।
हालांकि संघ ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) जान मैथ्यू ने श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने से इनकार कर दिया, जिसे संगठन ने मानवीय संवेदनाओं के विपरीत बताया है।
संघ के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती करने तथा दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।