ग्रामीण आंचलिय पत्रकार एसोसिएशन की बैठक में संगठन के नाम पर फर्जी घोषणा करने पर कानूनी कार्यवाही की रखी मांग।

ग्रामीण आंचलिय पत्रकार एसोसिएशन की बैठक में संगठन के नाम पर फर्जी घोषणा करने पर कानूनी कार्यवाही की रखी मांग।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी 9639100100
In the meeting of Rural Regional Journalist Association, demand was made for legal action against making fake announcement in the name of the organization.

 

मेरठ: राष्ट्रीय ग्रामीण अंचलिय पत्रकार एसोसिएशन की एक बैठक मेरठ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी चौधरी यशपाल चौधरी के क्षेत्रीय कार्यालय पर आयोजित की गई।राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी व संचालन संगठन के संरक्षक दिनेश जैन के किया।बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों ने प्रस्ताव रक्खा कि कुछ व्यक्ति ग्रामीण आंचलिय पत्रकार एसोसिएशन के नाम पर बैठक का आयोजन कर अध्यक्ष,उपाध्यक्ष आदि पद पर फर्जी घोषणा कर लोगो को मनोनीत कर असवैंधानिक कार्य कर रहे है।बैठक में इसे व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अम्ल में लाने का प्रस्ताव पास कर कार्यवाही की मांग की गई।इसके अलावा जो पदाधिकारी संगठन की बैठक में नहीं आ रहे उनके खिलाफ नोटिस जारी करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।बैठक में संगठन विरोधी कार्य करने वाले के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग की गई।बैठक में संरक्षक दिनेश जैन,राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मपाल गिरी,उप सचिव विश्व बंधु शास्त्री,संगठन मंत्री प्रमोद उपाध्याय,कानूनी सलाहकार एडवोकेट दीपक अग्रवाल,दयाचंद वर्क,वीरेश तरार लखनऊ,उपाध्यक्ष मनोज कलीना ,पश्चिम यूपी के अध्यक्ष यशपाल सिंह, जिला अध्यक्ष संजीव तोमर,मनोज उज्ज्वल, पंकज शर्मा,आदि लोगों ने हिस्सा लिया और बैठक में निर्णय लिया गया है कि कुछ लोग संगठन के नाम से फर्जी घोषणा कर रहे हैं उनके खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी।

केन्द्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान में आयोजित हुआ हिन्दी के प्रति समर्पित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।

केन्द्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान में आयोजित हुआ हिन्दी के प्रति समर्पित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।

A literary and cultural program dedicated to Hindi was organized at the Central Cattle Research Institute.
मेरठ संवाददाता :अक्षय चौधरी 9639100100

मेरठ। भा.कृ.अनु.प.—केन्द्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान, ग्रास फार्म रोड, मेरठ कैंट में आराध्या प्रकाशन द्वारा प्रकाशित वरिष्ठ साहित्यकार डा. ईश्वर चन्द गंभीर द्वारा रचित काव्य-संग्रह ‘आओ करें हिन्दी का वंदन’ का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। हिन्दी भाषा के प्रति समर्पित इस साहित्यिक आयोजन में संस्थान के हैअधिकारियों, कर्मचारियों, साहित्यप्रेमियों एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

 

कार्यक्रम के दौरान हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं उसके महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें हिन्दी निबंध प्रतियोगिता, बच्चों द्वारा कविता-पाठ सहित हिन्दी विषय पर आधारित अनेक प्रतियोगिताएँ प्रमुख रहीं। संस्थान के कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ भाग लेकर हिन्दी के प्रति अपनी रुचि और अनुराग का परिचय दिया।

 

संस्थान के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में डा. ईश्वर चन्द गंभीर की हिन्दी विषय पर केंद्रित काव्य-कृति ‘आओ करें हिन्दी का वंदन’ का गरिमापूर्ण विमोचन किया गया। कृति के माध्यम से हिन्दी भाषा की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक चेतना, साहित्यिक गरिमा और जन-जन से उसके आत्मीय संबंध को स्वर प्रदान किया गया है।

 

विमोचन समारोह में संस्थान के निदेशक डा.ए.के. मोहंती, डा. उमेश कुमार सिंह तथा अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डा. ईश्वर चन्द गंभीर एवं वरिष्ठ कवि डा.सुदेश यादव ‘जख्मी’ प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम को साहित्यिक रंग प्रदान करते हुए कवि डा. सुदेश यादव ‘जख्मी’ ने अपनी श्रृंगार रस से ओतप्रोत कविताओं का सुमधुर पाठ किया। उनकी कविताओं ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को प्रेम, सौंदर्य और संवेदना के भावों से सराबोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति पर श्रोताओं ने मुक्त कंठ से सराहना की और बार-बार तालियों से उत्साहवर्धन किया।

 

वहीं डा. ईश्वर चन्द गंभीर ने विभिन्न समसामयिक एवं जीवन से जुड़े विषयों पर अपने सशक्त मुक्तक प्रस्तुत कर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का परिचय दिया। उनके मुक्तकों ने श्रोताओं को कभी गुदगुदाया तो कभी गंभीर चिंतन के लिए प्रेरित किया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति पर सभागार में खूब वाहवाही हुई।

 

कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथि डा. सुदेश यादव ‘जख्मी’ एवं डा. ईश्वर चन्द गंभीर ने संस्थान के निदेशक डा. ए.के. मोहंती एवं डा. उमेश कुमार सिंह के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए।

 

इस अवसर पर वक्ताओं ने हिन्दी भाषा की विशेषताओं, उसकी वैज्ञानिकता, सरलता, व्यापकता एवं भारतीय संस्कृति में उसके महत्वपूर्ण स्थान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना, संवेदना और आत्मीयता को जोड़ने वाली सशक्त भाषा है। आज आवश्यकता है कि हिन्दी को केवल बोलचाल तक सीमित न रखते हुए शिक्षा, साहित्य, विज्ञान, प्रशासन और दैनिक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सम्मानपूर्वक अपनाया जाए।

 

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने हिन्दी के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। अंत में सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनसमुदाय के सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

 

कार्यक्रम में डा. रविन्द्र सिंह, सुनील कुमार शर्मा, डा. राहुल कुमार, डा. शंकर कश्यप, डा. नरेश प्रसाद, निशांत सविते, विकाश शर्मा सहित संस्थान के अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

 

‘आओ करें हिन्दी का वंदन’—हिन्दी के प्रति समर्पित एक साहित्यिक पुकार

 

डा. ईश्वर चन्द गंभीर की यह काव्य-कृति अपने शीर्षक के अनुरूप हिन्दी के प्रति सम्मान, प्रेम और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास है। अराध्या प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह कृति हिन्दी साहित्य के प्रति समर्पित पाठकों के लिए निश्चित रूप से एक उपयोगी एवं पठनीय साहित्यिक उपहार है।

30 लाख रुपये और स्कॉर्पियो की मांग पूरी न होने पर पत्नी की मौत, आरोपी पति गिरफ्तार

30 लाख रुपये और स्कॉर्पियो की मांग पूरी न होने पर पत्नी की मौत, आरोपी पति गिरफ्तार

Wife dies after her demand for Rs 30 lakh and a Scorpio was not met; accused husband arrested

संवाददाता: अक्षय चौधरी, मोबाइल नंबर :9639100100

 

गाजियाबाद। मुरादनगर थाना पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में वांछित चल रहे आरोपी पति गौरव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विवाहिता के मायके पक्ष ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न कर रहा था।
परिजनों की तहरीर के अनुसार, आरोपी गौरव और उसके परिजन 30 लाख रुपये नकद तथा स्कॉर्पियो कार की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर विवाहिता को कथित रूप से छत से धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 80, 85, 115(2), 352 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने 12 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर 32 वर्षीय आरोपी गौरव पुत्र रमेश, निवासी मेन रोड मुरादनगर, को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जीआरपी मेरठ सिटी की बड़ी सफलता, 33 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर असली मालिकों को लौटाए

जीआरपी मेरठ सिटी की बड़ी सफलता, 33 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर असली मालिकों को लौटाए

संवाददाता: अक्षय चौधरी Mob no.9639100100

Meerut City GRP achieves major success, recovers 33 lost mobile phones and returns them to their original owners

 

मेरठ। रेलवे यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने वाली कार्रवाई में जीआरपी मेरठ सिटी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों से गुम हुए 33 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 70 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग मुरादाबाद मोहितेश चन्द्र के निर्देशन में गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे अशोक कुमार सिसोदिया के निकट पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक जीआरपी थाना मेरठ सिटी विशाल सांगरी के निर्देशन में पुलिस टीम ने तकनीकी माध्यमों और सर्विलांस की मदद से लगातार मोबाइलों की तलाश की।

 

 

कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने आईफोन, सैमसंग, ओप्पो, वीवो, रियलमी, वनप्लस, रेडमी, मोटोरोला, पोको और नथिंग समेत विभिन्न कंपनियों के कुल 33 मोबाइल फोन बरामद किए।

 

आवश्यक सत्यापन के बाद जब लंबे समय से खोए हुए मोबाइल उनके असली मालिकों को वापस सौंपे गए तो लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। मोबाइल स्वामियों ने जीआरपी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए टीम की सराहना की।

 

 

बरामदगी में उपनिरीक्षक सोनू कुमार, हेड कांस्टेबल विकास कुमार और कांस्टेबल अतुल राजपूत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों के गुम होने वाले मोबाइल फोन की बरामदगी का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान अपने मोबाइल और कीमती सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा सामान गुम होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।

“बिग ब्रेकिंग” दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई का आरोप “एसएससी अविनाश पांडे” ने अपने चेंबर में डेढ़ घंटे तक दलित नेता को पीटा।

“बिग ब्रेकिंग” दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव की पिटाई का आरोप “एसएससी अविनाश पांडे” ने अपने चेंबर में डेढ़ घंटे तक दलित नेता को पीटा।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

“Big Breaking” Accused of beating Digvijay Bhati and Mohit Jatav “SSC Avinash Pandey” beat the Dalit leader for one and a half hour in his chamber.

“SSP के चेंबर में डेढ़ घंटे तक पिटा, एसओजी ऑफिस में बांधकर मारा इंस्पेक्टर अखिलेश गॉड ने” किसान नेताओं के साथ बर्बरता के आरोप।

 

मेरठ में दलित छात्रा ललित गौतम मर्डर केस में हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज के मामले में दो किसान नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के साथ पुलिस हिरासत में बर्बरता का गंभीर आरोप लगा है एसपी अविनाश पांडे को हटा दिया गया है उन्हें डीजीपी हेड क्वार्टर से अटैच कर दिया गया है।

 

क्या है पूरा मामला ?

 

ललिता गौतम मर्डर केस में प्रदर्शन और लाठी चार्ज को लेकर दिग्विजय भाटी और बहुत जाटव को आरोपी बनाया गया था सरकार के दखल के बाद मामला ठंडा पड़ा और दोनों की जमानत हो गई थी सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शन और लाठी चार्ज में दिग्विजय भाटी सामिल भी नहीं थे।

 

किसान नेताओं ने क्या बताया?

 

आरोप है कि कल एसपी ने दोनों को अपने ऑफिस में बुलाया। पहले गालियां दी,फिर अपने पर्सनल चेंबर में बंद कर करीब डेढ़ घंटे तक जूतों घुसो और लातों से पिटा ।

 

इसके बाद दोनों को जिले की एसओजी के हवाले कर दिया गया SOG ऑफिस में इंस्पेक्टर अखिलेश गॉड पर आरोप है कि उन्होंने दोनों के पैर बांधकर उल्टा लटकाया और तलवों कमर और पीठ पर लाठियां से बुरी तरह मारा।

 

सामने आए चोटो के निशान।

 

 

आज सुबह दोनों से मुलाकात के बाद चोटों के साथ सामने तस्वीरों में दिग्विजय भाटी की एक आंख पर गंभीर सूजन और चोट सब देखी जा सकती है।

जनसामाधन, मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने सिवाया टोल के पास एनएच अट्ठावन पर लगाया कांवड़ सेवा शिविर।

जनसामाधन, मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने सिवाया टोल के पास एनएच अट्ठावन पर लगाया कांवड़  शिविर।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

Jansamadhan, Media Trust of India set up a Kanwar camp on NH 58 near Siwaya toll.

सनातन हिन्दू वाहिनी( भारत ) के प्रदेश एवं प्राचीन झारखंडी महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर (महन्त ओघड़ संजयनाथ योगी जी महाराज) शिविर में पधारे।

 

सावन माह के पावन पवित्र महीने में गंगाजल को लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे शिव भक्तों का उत्साह चरम सीमा पर है इसी क्रम में मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा के निकट जन समाधान मीडिया ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया द्वारा कावड़ सेवा शिविर एवं भंडारे का शुभारंभ किया गया।

 

शिविर में कावड़ियों के लिए शुद्ध नाश्ता, भोजन, स्नान, विश्राम तथा दवाईयां सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई। शिविर में बड़ी संख्या में कांवडियो की भीड़ उमड़ रही थी। इस अवसर पर सनातन हिंदू वाहिनी ( भारत ) के प्रदेश एवं प्राचीन झारखंडी महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर महंत ओघड (संजय नाथ योगी जी महाराज) शिविर में पधारे।

 

 

वहां ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा उन्हें प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि सनातन हिंदू वाहिनी भारत के संरक्षक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज हैं। तथा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत जी महाराज पीठाधीश्वर कालकाजी पीठ दिल्ली है।

 

 

शिविर के दौरान( महंत ओघडनाथ संजय नाथ योगी जी महाराज) ने जन समाधान मीडिया ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय संरक्षक प्रमोद कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव शर्मा, राष्ट्रीय सचिव विजय वर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनिल पुरोहित, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय चौधरी दबतवा, जिला अध्यक्ष अक्षय चौधरी, महिला जिलाध्यक्ष चीनू चौधरी को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। भक्तों का भी जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें भी प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।

 

द प्रेस क्लब के महामंत्री एवं वरिष्ठ पत्रकार नेशनल हेड अपना जिला के•के• शर्मा जी भी वहां पहुंचे।

उन्होंने भी कावड सीवर व वहां पर सभी व्यवस्थाओं की काफी तारीफ की।उन्हें भी जन समाधान मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष अक्षय चौधरी ने प्रतीक चिह्न भेंटकर उनको भी सम्मानित किया।

पर्दे के पीछे: कैसे वैष्णवी उपाध्याय ग्लोबल दर्शकों के लिए दक्षिण एशियाई कहानियों को नया रूप दे रही है।

पर्दे के पीछे: कैसे वैष्णवी उपाध्याय ग्लोबल दर्शकों के लिए दक्षिण एशियाई कहानियों को नया रूप दे रही है।

Behind the scenes: How Vaishnavi Upadhyay is reinventing South Asian stories for a global audience.

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

9639100100

 

जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई कहानियाँ ग्लोबल दर्शकों तक पहुँच रही हैं, अलग-अलग संस्कृतियों में इन कहानियों को कैसे देखा और समझा जाता है, इसे आकार देने में एडिटर्स की भूमिका अहम होती जा रही है।

 

दशकों से, दक्षिण एशियाई सिनेमा पर बातचीत डायरेक्टर, एक्टर और राइटर के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। एडिटर्स—वे कहानीकार जो प्रोडक्शन खत्म होने के काफी समय बाद फिल्म को आकार देते हैं—अक्सर लाइमलाइट से दूर ही रहे हैं।

 

जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई कहानी कहने का दायरा ग्लोबल फेस्टिवल, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ रहा है, एडिटर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। वे सिर्फ़ फुटेज को एक साथ नहीं जोड़ रहे होते; वे यह तय करते हैं कि दर्शक अनजान दुनिया, संस्कृतियों और अनुभवों से कैसे जुड़ेंगे।

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

भारत में जन्मी एडिटर वैष्णवी “वैश” उपाध्याय इस बदलती भूमिका का प्रतिनिधित्व करती हैं। नैरेटिव, डॉक्यूमेंट्री और कमर्शियल स्टोरीटेलिंग में काम करते हुए, वैष्णवी ने ऐसा काम किया है जो आज की फिल्ममेकिंग के ग्लोबल स्वरूप को दर्शाता है—एक ऐसा स्वरूप जहाँ सांस्कृतिक विशिष्टता और सार्वभौमिक भावनाएँ एक साथ मौजूद होती हैं।

 

वैष्णवी कहती हैं, “एक एडिटर के तौर पर, आप लगातार सोचते रहते हैं कि क्या बचाकर रखना है और क्या नया खोजना है।” “जब कोई कहानी किसी खास संस्कृति से जुड़ी होती है, तो ज़िम्मेदारी हर छोटी-बड़ी बात का अनुवाद करने की नहीं होती; बल्कि उस दुनिया की सच्चाई को बनाए रखते हुए उस भावनात्मक कड़ी को खोजना होता है जो लोगों को उससे जोड़ती है। सबसे असरदार कहानियाँ दर्शकों को याद दिलाती हैं कि अनजान अनुभवों में भी कुछ बहुत मानवीय हो सकता है।”

 

भारत में पली-बढ़ीं और बाद में अमेरिकन फिल्म इंस्टीट्यूट कंज़र्वेटरी से एडिटिंग में MFA करने के लिए लॉस एंजिल्स गईं वैष्णवी, कई तरह की सिनेमाई परंपराओं से प्रभावित नज़रिया रखती हैं। भारत भर में यात्रा करने के दौरान उन्हें कई तरह के समुदायों, भाषाओं और रोज़मर्रा के अनुभवों से रूबरू होने का मौका मिला—इन अनुभवों ने उनके काम की भावनात्मक बारीकियों को प्रभावित किया है।

 

इस नज़रिए को इंडस्ट्री में जल्द ही पहचान मिली। AFI में अपने समय के दौरान, वैष्णवी को ‘डिज्नी डायवर्स स्टोरीटेलर्स फंड स्कॉलरशिप’ मिली, जो उन फिल्ममेकर्स को सम्मानित करती है जिनका काम मनोरंजन की दुनिया को और अधिक समावेशी बनाने में योगदान देता है। बाद में उन्हें अपनी क्लास से एकमात्र एडिटिंग फेलो के तौर पर AFI का प्रतिनिधित्व करने के लिए ‘टेलुराइड फिल्मलैब’ के लिए चुना गया, जो टेलुराइड फिल्म फेस्टिवल के साथ आयोजित होने वाला एक प्रतिष्ठित मेंटरशिप प्रोग्राम है।

 

यह सोच डायरेक्टर यश सराफ की बंगाली भाषा की अनोखी शॉर्ट फिल्म ‘मोती’ में खास तौर पर दिखाई देती है। यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसके प्यारे कुत्ते का रहस्यमयी तरीके से एक छोटे लड़के में बदलाव हो जाता है। अपनी अनोखी कहानी के ज़रिए, यह फिल्म अपनापन, स्वीकार्यता और बिना शर्त प्यार जैसे विषयों को दिखाती है।  वैष्णवी द्वारा एडिट की गई ‘मोती’ अपने फ़ेस्टिवल सीज़न की सबसे ज़्यादा यात्रा करने वाली दक्षिण एशियाई स्वतंत्र शॉर्ट फ़िल्मों में से एक बन गई। इसे फैंटास्टिक फ़ेस्ट, शॉर्ट शॉर्ट्स फ़िल्म फ़ेस्टिवल एंड एशिया और हवाई इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल समेत 35 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फ़ेस्टिवलों में दिखाया गया।

 

 

कैम्ब्रिज फिल्म फेस्टिवल, धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित।

 

फिल्म को इटली के लुक्का फिल्म फेस्टिवल में आधिकारिक जूरी पुरस्कार, वेंचर फिल्म फेस्टिवल में विशेष उल्लेख और लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में सत्यजीत रे शॉर्ट फिल्म पुरस्कार मिला। लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल यूरोप का सबसे बड़ा भारतीय और दक्षिण एशियाई फिल्म फेस्टिवल है, जहां जूरी ने फिल्म की “मौलिकता और सशक्त अभिनय” की प्रशंसा करते हुए कहा कि फिल्म के डार्क ह्यूमर और समाज में असामान्य चीजों से निपटने के तरीके पर इसकी सामाजिक टिप्पणी के बीच प्रभावी संतुलन है। बाद में फिल्म को क्रिटिक्स चॉइस अवार्ड के लिए नामांकित किया गया, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई।

 

उनकी संपादन शैली भव्यता पर जोर देने के बजाय, अभिनय, मौन और लय को भावनात्मक गहराई प्रदान करती है।

 

यह संवेदनशीलता उनकी पूरी फिल्मोग्राफी में झलकती है।  एलेक्स बुश द्वारा निर्देशित मनोवैज्ञानिक थ्रिलर ‘बीवेयर द वुल्व्स’ में वैष्णवी ने एक तनावपूर्ण और प्रभावशाली कथानक का निर्माण किया, जिसका प्रीमियर उत्तरी अमेरिका के प्रमुख फिल्म समारोहों में से एक, एएफआई फेस्ट में हुआ। यह लघु फिल्मों के लिए अकादमी पुरस्कार® के लिए अर्हता प्राप्त करने वाला कार्यक्रम है। इसके बाद इसे ‘डांसेज विद फिल्म्स’ में प्रदर्शित किया गया और असाधारण फिल्मकारों को सम्मानित करने वाले क्रिएटिव आर्टिस्ट्स एजेंसी के विशेष आमंत्रण पर आधारित ‘मोएबियस शोकेस’ के लिए चुना गया।

 

रीना दत्त द्वारा निर्देशित फिल्म ‘कंफर्ट फूड’ का प्रीमियर डायरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका में हुआ, जिसके बाद इसे सीएएएमफेस्ट और ब्रेवमेकर फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। इसी बीच, ‘वेलनेस’ को नेटफ्लिक्स-तस्वीर शॉर्ट फिल्म फंड के लिए चुना गया, जो दक्षिण एशियाई मौलिक कहानियों को बढ़ावा देने वाली एक बेहद प्रतिस्पर्धी पहल है। उपाध्याय ने सिमरन स्वाहनी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘टैंगल्ड’ का संपादन भी किया है, जिसे ‘द साउंड ऑफ साइलेंट फिल्म फेस्टिवल’, जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, दिल्ली शॉर्ट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और फीनिक्स फिल्म फेस्टिवल सहित कई फिल्म समारोहों में आधिकारिक रूप से चुना गया है।

 

ये सभी परियोजनाएं एक ऐसे संपादक की क्षमता को दर्शाती हैं जो भौगोलिक सीमाओं से परे भावनात्मक अनुभव रचते हुए सांस्कृतिक विशिष्टता को संरक्षित करने में सक्षम हैं।

 

जैसे-जैसे दक्षिण एशियाई सिनेमा वैश्विक मनोरंजन जगत में अपनी जगह बना रहा है, कैमरे के पीछे इन कहानियों को आकार देने वाले रचनात्मक पेशेवरों पर नए सिरे से ध्यान दिया जा रहा है। संपादक, जिन्हें कभी अदृश्य सहयोगी माना जाता था, अब तेजी से ऐसे लेखकों के रूप में पहचाने जा रहे हैं जो कहानियों की व्याख्या और उन्हें याद रखने के तरीके को प्रभावित करते हैं।

 

स्वतंत्र सिनेमा, वृत्तचित्र और व्यावसायिक कहानी कहने के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कार्यों की बढ़ती संख्या के साथ, वैष्णवी उपाध्याय संपादकों की एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं जो एक-एक कट के साथ वैश्विक फिल्म निर्माण को नया रूप देने में योगदान दे रही हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से दिया इस्तीफा, पोस्ट में लिखा- युवाओं की भावनाओं का सम्मान

Dharmendra Pradhan resigned as Education Minister, writing in a post that he respected the sentiments of the youth.

संवाददाता: अक्षय चौधरी।

 

 

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों और चौतरफा दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही थी और इस इस्तीफे को परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

 

 

 

 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे का पत्र जारी किया। जिसमें उन्होंने लिखा- मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

 

 

उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है।

 

 

 

आदरणीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने आगे लिखा, तीन मई 2026 को हुई नीट-यूजी की परीक्षा में अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तारीख की घोषणा की। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया।

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए ‘पूरी सरकार का समन्वित दृष्टिकोण’ के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, खासकर जिला प्रशासन की अहम भूमिका रही। उन्होंने आगे कहा, साथ ही छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से मैंने इसकी जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने आगे लिखा, 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।

 

श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन, निकली झांकी व हुआ विशाल भंडारा

श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन, निकली झांकी व हुआ विशाल भंडारा

The grand finale of the Pran Pratishtha Mahotsav at the Shri Ram Vatika Hanuman Temple included a tableau display and a large feast.

संवाददाता: अक्षय चौधरी

 

मेरठ। लोहिया नगर, हापुड़ रोड स्थित श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को भव्य समापन हुआ। यह धार्मिक आयोजन 18 जुलाई से प्रारंभ होकर पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।

 

समापन दिवस पर प्रातः 8:00 बजे विधिवत पूजन एवं हवन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके पश्चात सुबह 10:00 बजे नगर ब्राह्मणों की उपस्थिति में भव्य झांकी निकाली गई, जिसने क्षेत्र में धार्मिक माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया।

संवाददाता: अक्षय चौधरी

दोपहर 1:00 बजे से विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रांगण में दिनभर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली और सभी ने कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

 

इस संपूर्ण आयोजन का सफल संचालन श्रीराम वाटिका हनुमान मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा किया गया।

 

इस अवसर पर मंदिर समिति के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें पंडित लाल बहादुर मिश्रा (अध्यक्ष), श्री रकम सिंह, श्री सुनील शर्मा (उपाध्यक्ष), श्री बिट्टू पाल, श्री राकेश मिश्रा (कोषाध्यक्ष), श्री रवि गुप्ता (महासचिव), श्री बृज गोपाल (सचिव), श्री अनिल तिवारी (सह सचिव), सुनील पाल (संगठन मंत्री) एवं सन्नी गुप्ता (कानूनी सलाहकार मंत्री) शामिल रहे।

संवाददाता: अक्षय चौधरी

 

 

इसके अतिरिक्त कार्यकर्ताओं में मुकेश रस्तोगी, दीपक मिश्रा, अनिल शर्मा, गौरव शर्मा, शिवम शर्मा, राहुल मिश्रा, राज अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

 

मंदिर समिति ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।

रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छाए सुशील तरंग के नए हरियाणवी गीत

रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छाए सुशील तरंग के नए हरियाणवी गीत

Sushil Tarang’s new Haryanvi song became a hit on social media as soon as it was released.

मेरठ संवाददाता: अक्षय चौधरी

‘रे हरियाणे की छोरी तेरी कमर पे’ और ‘मैंने बावन गज का घाघरा सिलवाई दे’ को मिला श्रोताओं का भरपूर प्यार

स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देकर मेरठ का नाम रोशन कर रहे हैं सुशील तरंग: अवनीश त्यागी मुख्य अतिथि

विवेक म्यूजिक 111 यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए दोनों गीत, कलाकारों व संगीत प्रेमियों ने दी सफलता की शुभकामनाएं

 

टी-सीरीज तक पहुंची सुशील तरंग की लेखनी , अब दो नए गीतों का हुआ भव्य लोकार्पण

मेरठ। गंगानगर स्थित कृष्णा रेस्टोरेंट में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने प्रसिद्ध गीतकार एवं साहित्यकार सुशील तरंग द्वारा लिखित दो नए हरियाणवी गीत ‘रे हरियाणे की छोरी तेरी कमर पे’ (रीमिक्स) तथा ‘मैंने बावन गज का घाघरा सिलवाई दे’ का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर कलाकारों, संगीत प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने दोनों गीतों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि दोनों गीत विवेक म्यूजिक 111 यूट्यूब चैनल पर रिलीज किए गए हैं। रिलीज होते ही दोनों गीतों को दर्शकों और श्रोताओं का भरपूर प्यार मिल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ये गीत तेजी से वायरल हो रहे हैं तथा विभिन्न डिजिटल मंचों पर भी इनकी सराहना की जा रही है। हरियाणवी लोक संगीत और आधुनिक संगीत के अनूठे मिश्रण ने इन गीतों को युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय बना दिया है।
मुख्य अतिथि अवनीश त्यागी ने कहा कि मेरठ की प्रतिभाएं आज संगीत, साहित्य और कला के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशील तरंग वर्षों से अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। उनके प्रयास न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर रहे हैं, बल्कि युवाओं को अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं से भी जोड़ रहे हैं। उन्होंने दोनों गीतों की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक कार्य समाज और संस्कृति को नई दिशा प्रदान करते हैं।
गीतकार सुशील तरंग ने कहा कि किसी भी गीत की सफलता पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम होती है। उन्होंने बताया कि ‘रे हरियाणे की छोरी तेरी कमर पे’ गीत को सफल बनाने में भगत सिंह, शालू गौतम, एस-डी- हरियाणवी, एस-के-सेंटी, फैजान, यासीन सहित अन्य कलाकारों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। वहीं ‘मैंने बावन गज का घाघरा सिलवाई दे’ गीत में गायिका विनी इटोरिया, खुशी, मनीष भड़ाना और लुक्का भाई ने अपनी विशेष भूमिका निभाई है।
वक्ताओं ने बताया कि सुशील तरंग का संगीत जगत से पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है। इससे पूर्व उनके लिऽे हुए अनेक गीत प्रतिष्ठित संगीत कंपनी टी-सीरीज के माध्यम से रिलीज हो चुके हैं। उनकी चर्चित भजन एल्बम ‘साईं सुमिरन बोल’ भी श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय रही है, जिसमें कविता कृष्ण मूर्ति, वंदना वाजपेयी और कुमार विशु जैसे ख्याति प्राप्त कलाकारों ने अपनी आवाज दी है। इन परियोजनाओं में संगीत निर्देशक राकेश जौहरी का विशेष योगदान रहा है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सुशील तरंग ने अपनी लेऽनी के माध्यम से लोक संस्कृति, अध्यात्म और सामाजिक सरोकारों को गीतों में स्थान देकर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके लिऽे अनेक गीत और भजन समय-समय पर विभिन्न मंचों से रिलीज होकर लोकप्रियता प्राप्त कर चुके हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों, गायकों एवं सहयोगियों का सम्मान किया गया तथा दोनों गीतों की सफलता के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि ये दोनों गीत आने वाले समय में हरियाणवी संगीत प्रेमियों के बीच नई पहचान स्थापित करेंगे और लोकप्रियता के नए आयाम छुएंगे। इस अवसर पर सुशील तरंग गीतकार, भाजपा नेता विनोद खटीक, रिटायर्ड पुलिस क्षेत्राधिकारी गमैलेश्वर बेल्टोरिया, सहयोगी कुलभूषण जी मौजूद रहे।