विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 से पहले मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली, ने बढ़ाई जागरूकता, तंबाकू से जुड़े सिर और गर्दन के कैंसर में समय पर पहचान की बताई अहमियत।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 से पहले मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली, ने बढ़ाई जागरूकता, तंबाकू से जुड़े सिर और गर्दन के कैंसर में समय पर पहचान की बताई अहमियत।

head of World No Tobacco Day 2026, Max Hospital, Vaishali, raises awareness and highlights the importance of early detection of tobacco-related head and neck cancers.

रिपोर्ट अक्षय चौधरी

 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 से पहले, मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली, के डॉक्टरों ने एक जन-जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र का उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों, विशेष रूप से सिर और गर्दन के कैंसर के बढ़ते मामलों के बारे में जागरूक करना था।

 

कार्यक्रम में मौजूद *मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर के हेड एंड नेक ऑन्को सर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर – ​डॉ. सौरभ कुमार अरोड़ा, ने बताया कि* तंबाकू मुंह, गले, स्वरयंत्र (वॉइस बॉक्स) और हाइपोफैरिंक्स में होने वाले कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि गंभीर होने के बावजूद सिर और गर्दन के कई कैंसर शुरुआती चरण में बिना लक्षण के बढ़ते रहते हैं और अक्सर तब पता चलते हैं जब गर्दन में लगातार सूजन, निगलने में कठिनाई, आवाज में बदलाव, बिना वजह वजन घटना या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आते हैं।

 

 

डॉ. सौरभ अरोड़ा, ने समय पर पहचान और एडवांस्ड उपचार के महत्व को समझाते हुए मेरठ के 61-वर्षीय मरीज का एक हालिया मामला साझा किया। मरीज का पहले मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली, में गले के निचले हिस्से के कैंसर और गर्दन में बड़े लिम्फ नोड्स तक फैले कैंसर के लिए कीमोरेडियोथेरेपी से उपचार किया गया था। दो महीने बाद रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी से गले का ट्यूमर नियंत्रित हो गया, लेकिन गर्दन में मौजूद कैंसरस लिम्फ नोड्स बने रहे।

 

मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड द्वारा विस्तृत मूल्यांकन के बाद मरीज को इलाज के उद्देश्य से सैल्वेज सर्जरी की सलाह दी गई।

 

पहले दिए गए रेडिएशन उपचार के कारण ​टिशूस में फाइब्रोसिस और संरचनात्मक बदलाव होने से सर्जरी बेहद कॉम्प्लेक्स थी। इसके बावजूद विशेषज्ञों की टीम ने सफलतापूर्वक एक कॉम्प्लेक्स सर्जरी कर गर्दन के बाएं हिस्से से कैंसर प्रभावित लिम्फ नोड्स को हटाया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रही और उन्हें स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया।

 

यह उपचार पद्धति दिखाती है कि हेड एंड नेक सर्जन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट और मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट के बीच समन्वित टीमवर्क कॉम्प्लेक्स मामलों में भी बेहतर परिणाम दे सकता है। इसी मल्टी डिसिप्लिनरी एप्रोच के जरिए डॉक्टर मरीज के वॉइस बॉक्स और भोजन नली को सुरक्षित रखते हुए कैंसर का इलाज करने में सफल रहे।

 

इस अवसर पर *मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली, के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर के हेड एंड नेक ऑन्को सर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर ​- डॉ. सौरभ कुमार अरोड़ा, ने कहा*, “विश्व तंबाकू निषेध दिवस हमें याद दिलाता है कि सिर और गर्दन के कई कैंसर रोके जा सकते हैं। तंबाकू मुंह, गले, वॉइस बॉक्स और हाइपोफैरिंक्स के कैंसर के सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक है। शुरुआती चेतावनी संकेतों की जानकारी, समय पर स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ से जल्द परामर्श इलाज के परिणामों को काफी बेहतर बना सकते हैं। यह मामला यह भी दर्शाता है कि दोबारा होने वाले और तकनीकी रूप से कॉम्प्लेक्स कैंसर का भी मल्टीडिसिप्लिनरी प्लानिंग, समय पर हस्तक्षेप और एडवांस्ड सर्जिकल विशेषज्ञता के जरिए सफल इलाज संभव है।”

 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली, ने लोगों से तंबाकू सेवन से बचने, सिर और गर्दन के कैंसर के शुरुआती संकेतों के प्रति सतर्क रहने और बेहतर उपचार परिणाम एवं जीवित रहने की संभावना बढ़ाने के लिए समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने की अपील की।

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