मेरठ सेंट्रल मार्केट मामला: 1989 की अनियमितता से सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक, अब ध्वस्तीकरण की बाध्यता।

मेरठ सेंट्रल मार्केट मामला: 1989 की अनियमितता से सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक, अब ध्वस्तीकरण की बाध्यता।

Meerut Central Market case: From 1989 irregularities to Supreme Court verdict, now demolition is mandatory.

मेरठ अक्षय चौधरी

योगी सरकार ने प्रभावितों को दिए थे तीन विकल्प, नहीं बनी सहमति

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी राहत का रास्ता तलाशने में जुटी सरकार

21 अप्रैल, मेरठ। मेरठ के सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण का मामला एक दिन में नहीं बना, बल्कि इसकी जड़ें वर्ष 1989 तक जाती हैं। समय के साथ यह प्रकरण कई स्तरों पर भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और राजनीतिक हीला-हवाले के आरोपों से घिरता रहा। अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक पहुंच चुका है, तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अनिवार्य हो गई है। हालांकि, राज्य सरकार अब भी प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए न्यायिक रास्ते तलाशने में जुटी है।

इस पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए, जबकि सरकार का दावा है कि उन्होंने शुरुआत से ही प्रभावितों के हित में समाधान निकालने का प्रयास किया। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी की ओर से प्रभावितों को तीन विकल्प दिए गए थे, ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके और कानूनी जटिलताओं के बीच कोई व्यवहारिक रास्ता निकले।

सरकार ने व्यापारियों को दिए थे तीन विकल्पपहले विकल्प के तहत प्रभावितों से कहा गया था कि वे स्वयं सरकार के साथ मिलकर पक्षकार बनें, जिससे न्यायालय में उनका पक्ष मजबूत हो सके। दूसरे विकल्प में आवास विकास विभाग द्वारा निर्धारित कंपाउंडिंग शुल्क जमा करने की सलाह दी गई थी, ताकि नियमों के अनुरूप समाधान खोजा जा सके और ध्वस्तीकरण को रोक जा सके। तीसरा विकल्प यह था कि सुप्रीम कोर्ट के संभावित रुख को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल मार्केट को छोड़ने का निर्णय लिया जाए और सरकार की पुनर्वास योजना को स्वीकार किया जाए, जिसके तहत सभी प्रभावितों के पुनर्वास की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाने को तैयार थी।

नहीं बन पाई सहमतिहालांकि, इन तीनों विकल्पों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते मामला पूरी तरह न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने नियमों और कानून के प्रावधानों का हवाला देते हुए जब ध्वस्तीकरण का आदेश दिया, तो प्रशासन के सामने इसे लागू करने की अपरिहार्य स्थिति बन गई।

सरकारों ने दिया अप्रत्यक्ष तौर पर संरक्षणराजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भी यह मुद्दा लगातार चर्चा में है। आरोप हैं कि पूर्ववर्ती सरकारों जनता दल, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कार्यकाल में इस तरह के निर्माणों को न केवल नजरअंदाज किया गया, बल्कि कई मामलों में अप्रत्यक्ष तौर पर संरक्षण भी मिला। विशेष रूप से वर्ष 2013 से 2017 के बीच ऐसे उदाहरण सामने आए, जिनमें नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य होते रहे। अब वही पक्ष वर्तमान सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार खुद को प्रभावितों के पक्ष में खड़ा बता रही है।

सवालों के घेरे में लोकेश खुराना की भूमिकामामले में कुछ व्यक्तियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनमें लोकेश खुराना जैसे नामों का उल्लेख किया जा रहा है, जिन पर जनहित याचिकाओं के माध्यम से ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर लाभ लेने के आरोप लगते रहे हैं।

अब भी कानूनी विकल्प तलाशने में जुटी है राज्य सरकारफिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट का ध्वस्तीकरण टलना संभव नहीं दिख रहा, लेकिन राज्य सरकार अब भी कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर ऐसे विकल्पों की तलाश में जुटी है, जिससे प्रभावितों को अधिकतम राहत मिल सके। वर्षों पुराने इस विवाद का समाधान अब कानून के दायरे में ही तय होगा, लेकिन इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को कम करने की चुनौती सरकार के सामने बनी हुई है।

लघु सिंचाई विभाग का गोल-माल, अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री से हो रहा निर्माण, अधिकारी की कार्रवाई मोन।

लघु सिंचाई विभाग का गोल-माल, अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री से हो रहा निर्माण, अधिकारी की कार्रवाई मोन।

The Minor Irrigation Department is in a mess, construction is being carried out using substandard materials with the connivance of officials, and the officials are silent on the action taken.

बुलंदशहर मनोज उज्जवल।

बुलंदशहर: लघु सिंचाई विभाग बुलंदशहर आलमगीरपुर नैनसुख ग्राम पंचायत में तालाब के सौदियाकरण में बहुत सारी अनियमिताएं हैं जिसकी शिकायत ग्राम प्रधान ने उच्च अधिकारियों से की है।

ग्राम प्रधान का कहना है कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा तालाब का जो सौदियाकरण किया जा रहा है उसमें घटिया सामग्री का निर्माण किया जा रहा है जबकि कार्य पूर्ण नहीं किया गया है।

लघु सिंचाई के अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर तालाब की कोई जांच नहीं की गई कार्य पूर्ण नहीं किया गया उसके बात भी ठेकेदार का पूरा भुगतान कर दिया गया मौके पर 50% कार्य पूरा भी नहीं किया गया।

उसके बाद भी अधिकारियों ने तालाब का पूरा भुगतान किस बेस पर किया गया है यह जांच का विषय है जबकि कार्य पूर्ण होने की स्थिति 20 4.2026 थी ग्राम प्रधान द्वारा बार-बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ तालाब सौदियाकरण की किसी दूसरे विभाग से जांच कर दी जाए और जो 31 मार्च 2026 से पहले पूर्ण भुगतान किया गया है उसको वापस कराया जाए।

अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाए अगर मुख्यमंत्री को इसकी शिकायत कर दी गई है अगर शिकायत में लघु सिंचाई के अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती तो तीन दिन बाद हम कोर्ट की शरण में चले जाएंगे।

चारधाम यात्रा-2026, कांवड़ मेला एवं कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत शनिवार को उप मेला अधिकारी श्री आकाश जोशी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा पंतद्वीप क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की गई।

चारधाम यात्रा-2026, कांवड़ मेला एवं कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत शनिवार को उप मेला अधिकारी श्री आकाश जोशी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा पंतद्वीप क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की गई।

Under the anti-encroachment drive being run as part of the preparations for Chardham Yatra-2026, Kanwar Mela and Kumbh Mela-2027, extensive action was taken in the Pantdweep area on Saturday by a team formed under the leadership of Deputy Mela Officer Mr. Akash Joshi.

उत्तराखण्ड सनी वर्मा

 

उप मेलाधिकारी श्री जोशी ने बताया कि इस संयुक्त अभियान में नगर निगम, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। अभियान के दौरान टीम ने अवैध अतिक्रमण कर बनाई गई 35 अस्थायी दुकानों एवं 57 रेहड़ियों को हटाया।

उत्तराखण्ड सनी वर्मा

प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की ‘खालसा हेल्प फाउंडेशन’ के सेवा कार्यों की सराहना, राष्ट्रीय अध्यक्ष हरप्रीत मान को किया अपने आवास पर सम्मानित

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की ‘खालसा हेल्प फाउंडेशन’ के सेवा कार्यों की सराहना, राष्ट्रीय अध्यक्ष हरप्रीत मान को किया अपने आवास पर सम्मानित

Former Chief Minister Akhilesh Yadav praised the service work of ‘Khalsa Help Foundation’ and honored National President Harpreet Mann at his residence.

मेरठ अक्षय चौधरी

समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय मेरठ की प्रसिद्ध संस्था ‘खालसा हेल्प फाउंडेशन’ के कार्यों की गूँज अब प्रदेश की राजधानी तक पहुँच गई है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने संस्था द्वारा किए जा रहे मानवीय कार्यों से प्रभावित होकर संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हरप्रीत मान और उनकी टीम को दिल्ली स्थित अपने आवास पर आमंत्रित किया।

संस्था ने पगड़ी पहनाकर किया स्वागत

मुलाकात के दौरान संस्था के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष हरप्रीत मान ने माननीय अखिलेश यादव जी को पारंपरिक सिख मर्यादा के अनुसार पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान और आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर हरप्रीत मान ने अखिलेश यादव को संस्था की गतिविधियों और सामाजिक कार्यों पर आधारित एक पत्रिका भी भेंट की, जिस पर विस्तार से चर्चा हुई।

अखिलेश यादव ने की प्रशंसा

मेरठ अक्षय चौधरी

संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए श्री अखिलेश यादव ने कहा, “मैं आपके द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों से पहले से ही अवगत हूँ। आप और आपकी टीम समाज के वंचित वर्गों के लिए अत्यंत सराहनीय कार्य कर रही है।” उन्होंने विशेष रूप से सिख समाज द्वारा मानवता की सेवा में दिए जाने वाले निस्वार्थ योगदान की प्रशंसा की।

फाउंडेशन ने जताया आभार

इस गौरवपूर्ण सम्मान के मिलने पर हरप्रीत मान ने कहा कि माननीय अखिलेश यादव जी के उत्साहवर्धन से पूरी टीम में नया जोश भरा है। खालसा हेल्प फाउंडेशन उनके स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता है। संस्था भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ समाज सेवा के संकल्प को जारी रखेगी।

चारधाम यात्रा को निर्विघ्न,सुरक्षित एवं सकुशल ढंग से सम्पन्न कराने के लिए आज हर की पैड़ी पर आयुक्त गढ़वाल मण्डल विनय शंकर पांडे एवं आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने मां गंगा की पूजा अर्चना कर कुशल यात्रा संचालन की प्रार्थना

चारधाम यात्रा को निर्विघ्न,सुरक्षित एवं सकुशल ढंग से सम्पन्न कराने के लिए आज हर की पैड़ी पर आयुक्त गढ़वाल मण्डल विनय शंकर पांडे एवं आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने मां गंगा की पूजा अर्चना कर कुशल यात्रा संचालन की प्रार्थना

To ensure smooth, safe and secure completion of the Chardham Yatra, Garhwal Division Commissioner Vinay Shankar Pandey and Garhwal IG Rajiv Swaroop prayed to Mother Ganga at Har Ki Pauri today and prayed for the smooth conduct of the Yatra.

हरिद्वार सनी वर्मा

चारधाम यात्रा शुरू होने से एक दिन पूर्व आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे,आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने हर की पैड़ी में मां गंगा की पूजा अर्चना कर चार धाम यात्रा को निर्विघ्न,सुरक्षित एवं कुशलता पूर्वक संपन्न कराने के लिए मां गंगा से प्रार्थना की।

     इस अवसर पर मां गंगा की पूजा अर्चना करते हुए आयुक्त गढ़वाल मंडल ने कहा कि हरिद्वार को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है और यहीं से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आगे की यात्रा के लिए रवाना होते हैं, ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है, कमिश्नर ने बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है, ऋषिकुल मैदान में रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं जहां यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंधन किए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि चार दहन यात्रा के दौरान कही ओवर रेटिंग न हो ,मौसम की जानकारी यात्रियों समय समय पर मिलती रहे,सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई गई है।

     उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष करीब 51 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी जबकि इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही 18 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं, आंकड़ों से साफ है कि इस बार भी यात्रा में भारी भीड़ की संभावना है, ऐसे में सुरक्षा, ट्रैफिक और सुविधाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

     इस अवसर पर श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी,उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान सहित श्री गंगा सभा के पदाधिकारी मौजूद रहे।

जनपद में खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार से कोई मिलावट न हो, इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निरंतर छापेमारी की कार्यवाही के निर्देश दिए गए है

जनपद में खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार से कोई मिलावट न हो, इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निरंतर छापेमारी की कार्यवाही के निर्देश दिए गए है

To ensure that there is no adulteration of food items in the district, District Magistrate Mayur Dixit has directed the Food Safety Department to conduct continuous raids.

हरिद्वार सनी वर्मा

 

चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को शुद्ध एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य प्रदार्थ उपलब्ध हो तथा खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की कोई मिलावट न हो इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई छापेमारी की कार्यवाही

हरिद्वार सनी वर्मा

 

 

 

   चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य प्रदार्थ उपलब्ध हो तथा खाद्य प्रदार्थ में किसी प्रकार की कोई मिलावट एवं ओवर रेटिंग न हो इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जनपद ने संचालित हो रहे होटल,ढाबों,दुकानों एवं रेस्टोरेंट में निरंतर छापेमारी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

 

      सहायक आयुक्त खाद्य आयुक्त महिमानंद जोशी ने अवगत कराया है आयुक्त, खाद्य सुरक्षा उत्तराखंड देहरादून सचिन कुर्वे एवं जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में चार धाम यात्रा 2026 को देखते हुए जनपद हरिद्वार में लगातार कार्रवाही की जा रही है इसी क्रम में आज दिनांक 17.04.2026 को जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानन्द जोशी द्वारा दिये गये आदेश के कम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम हरिद्वार, श्री कैलाश टम्टा द्वारा रोड़ी बेल वाला, ज्वालापुर एवं सीतापुर आदि क्षेत्रों में लगभग 10 से 12 खाद्य प्रतिष्ठानों जैसे-होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं फुटकर विक्रेता आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुल 03 खाद्य प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत नोटिस दिए गए। साथ ही खाद्य विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान पर खाद्य लाईसेन्स एवं फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड चस्पा करने के निर्देश दिये गये, जिसमें विभागीय टोल फ्री नम्बर अंकित हो।

      इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, रूडकी / भगवानपुर, पवन कुमार द्वारा नगर निगम क्षेत्र रूडकी में विभिन्न होटल एवं रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया, जिसमें खाद्य सुरक्षा एवं मानव अधिनियम 2006 के तहत मानकों के तहत कार्मिकों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल की रिपोर्ट एवं पानी की जांच रिपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही विभिन्न होटलों एवं रेस्टोरेंट में कार्यरत कार्मिकों की फोस्टेग ट्रेनिंग के लिए भी निर्देशित किया गया। सभी होटल एवं रेस्टोरेंट खाद्य कारोबारी द्वारा अपने कार्मिकों की फॉस्ट्रेक ट्रेनिंग हेतु सहमति दी गई।

     चारधाम यात्रा 2026 के दृष्टिगत विभाग द्वारा उपरोक्त कार्यवाही सम्पूर्ण जनपद में लगातार जारी रहेगी।

अज्ञात हत्या का 24 घंटे में किया अनावरण मृतक की शिनाख्त के लिये किये जा रहे है प्रयास शिनाख्त नहीं होने पर मृतक को न्याय दिलाने के लिए पुलिस स्वयं बनी वादी।

अज्ञात हत्या का 24 घंटे में किया अनावरण मृतक की शिनाख्त के लिये किये जा रहे है प्रयास शिनाख्त नहीं होने पर मृतक को न्याय दिलाने के लिए पुलिस स्वयं बनी वादी।

Unknown murder case solved within 24 hours. Efforts are being made to identify the deceased. In case of failure to identify the deceased, the police itself became the plaintiff to get justice for the deceased.

हरिद्वार सनी वर्मा

 

मृतक एवं मारने वाले दोनों थे अज्ञात

 

CCTV व सघन चेकिंग से घटना का अनावरण कर अज्ञात अभियुक्तों को किया गिफ्तार

 

 

👉👉 दिनांक 14/04/2026 की वन विभाग के कर्मचारी द्वारा सूचना दी कि राजाजी नेशनल पार्क में एक शव पड़ा हुआ है जिस सूचना पर चौकी प्रभारी खड़खड़ी मैं चेतके 3 कर्मचारियों के मौके पर गए तो पाया कि एक साधु बाबा का शव पड़ा है तथा इसके शरीर पर छोटे लगी हुई है चौकी प्रभारी खड़खड़ी द्वारा उक्त सूचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार को अवगत कराया गया इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार मय पुलिस टीम के घटनास्थल पर पहुंचे तो मौके पर देखा कि एक व्यक्ति जिसकी उम्र- 45 वर्ष लगभग प्रतीत हो रही थी लहूलुहान अवस्था मे पड़ा हुआ था जिसको प्राथमिक उपचार के लिये जिला अस्पताल भेजा गया जहाँ चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया। इस सूचना से उच्चाधिकारियों को प्रभारी निरीक्षक द्वारा अवगत कराया गया। श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय हरिद्वार द्वारा मृतक की शिनाख्त एवं अभियुक्त की तत्काल गिरफ्तारी तथा मृतक की शिनाख्त न होने का कारण पुलिस को स्वयं वादी बनकर अभियोग पंजीकृत कराने हेतु निर्देर्शित किया गया। पुलिस द्वारा स्वयं वादी बनकर मु0अ0सं0-179/2026 धारा-103(1) BNS पंजीकृत कराया गया। तब पुलिस अधीक्षक नगर महोदय के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी नगर महोदय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर हरिद्वार द्वारा घटना का अनावरण करने के लिये टीमें गठित की गईं तथा साक्ष्य एकत्रित करने के लिए मोके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया जिनके द्वारा साक्ष्य संकलित किये गए व अन्य गठित टीमों द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया तथा आसपास गंगाघाटों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व पार्किंग में चेकिंग करवाई गई तो घटना में सीसीटीवी में दिखाई देने वाले संधिग्ध व्यकितयों के कपड़ों का हुलिया सीसीटीवी में दिखाई दिया। सीसीटीवी के आधार पर प्रकाश में आये हुलिया व लड़कों के पास किसी प्रकार का कोई मोबाइल न होना व नशे में प्रतीत होने के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियो की तलाश मैनुवली रूप से और तेज की गई तो दिनांक 17/ 4/ 2026 को जब पुलिस टीम हिल बाईपास पर गस्त कर रही थी तो हिल बाईपास पर सूखी नदी पर बने फ्लाईओवर पर पहुचे तो सडक के बैंण्ड के किनारे बने पैराफिट पर 02 व्यक्ति बैठे दिखाई दिये जिनमें से एक व्यक्ति नें जीन्स की पेंट लाल-सफेद चैकदार कमीज पहनी हैं तथा दूसरे नें सफेद बैंगनी रंग की गोल धारीदार टीशर्ट, काली पेंट पहनी हैं । मृतक अज्ञात बाबा के साथ घटना से पहले सीसीटीवी की फुटेज में भी जाते हुए दोनों व्यक्तियों के द्वारा भी इसी हुलिये के कपड़े पहने हुए थे जिस पर शक होने पर पुलिस टीम द्वारा आवाज देकर दोनों व्यक्तियों को रूकने को कहा तो वह दोनों व्यक्ति सकपकाकर पैराफिट से उठकर हिलबाईपास रोड़ की तरफ को भागने प्रयास करने लगे इस पर पुलिस टीम द्वारा एकदम से दोनों व्यक्तियों को घेरघोटकर पकड़ लिया और नाम पता पूछते हुए जीन्स की पेंट लाल-सफेद चैकदार कमीज पहने हुए व्यक्ति की जामा तलाशी ली गयी तो इसने अपना नाम मनोज कुमार उर्फ चिकना पुत्र रामगणेश निवासी ग्राम बनाममई थाना वेदपुरा जिला ईटावा (उ0प्र0) उम्र-25 वर्ष बताया जामा तलाशी पर कोई जैर वस्तु बरामद नहीं हुई तथा दूसरे व्यक्ति जिसने सफेद बैंगनी रंग की गोल धारीदार टीशर्ट, काली पेंट पहनी हैं अपना नाम रोहित कुमार पुत्र अलकदेव निवासी गाँव सरण थाना पड़ाक जिला पटना (बिहार) उम्र-19 वर्ष बताया जामा तलाशी पर कोई वस्तु बरामद नहीं हुई । शक्ति से पूछताछ की गयी तो दोनों ने सामूहिक रूप से बताया कि हम दोनों की कुछ महिनें पहले हरिद्वार में ही जानपहचान हुई है और हम दोनों गांजा शराब साथ ही पीते हैं जिस कारण हमारी आपस में अच्छी दोस्ती हैं और दिनांक 13 अप्रैल की रात को हम दोनों हरकी पैड़ी के सामने वाले घाट पर ही सोये थे, हम दोनों ने काफी शराब पी थी जिस कारण हमें काफी उल्टी हुई और हमने उस रात खाना नहीं खाया था l अगले दिन सुबह अत्यंत भूख लगने के कारण हम दोनों की नींद सुबह करीब 5:00 बजे ही खुल गई थी l खाना खाने के बाद हम दोनों मोतीचूर तिराहे की तरफ काम ढूंढने गए थे l वहां पर हम दोनों नें गांजा पिया था वहां पर तिराहे के पास ही एक बाबा खड़ा था जो बीड़ी पी रहा था, उसे बीड़ी पीते देख हमें भी तलब लगी और हम उस बाबा के पास गये और नशे की हालत मैं ही हमनें बाबा से कहा कि बाबा हमको भी एक बीड़ी पिला दो, इस पर बाबा ने अपनी जेब में हाथ डालकर एक बीड़ी का बंडल निकाला तो बीड़ी के बण्डल के साथ काफी पैसे भी बाबा के हाथ में आ गये थे जिस पर हमें पैसों का लालच आ गया था और हमने बाबा से कहा कि बाबा हमें कुछ पैसे दे दो, जिस पर बाबा ने मना कर दिया और सबके सामने ही बाबा ने हमें गाली देकर बात की तथा फिर वह वहाँ से मोतीचूर स्टेशन की ओर जाने लगा बाबा के दारा दी गयी गाली के कारण हमें गुस्सा आ गया आ गया था जिस पर हम दोनों ने बाबा को सबक सिखाने व बाबा के पैसे लेने की ठान ली l वह बाबा मोतीचूर रेलवे स्टेशन से होता हुआ सूखीनदी के तरफ रेलवे पटरी पटरी चलता हुआ सूखी नदी के अन्दर से एक सुनसान जंगल के रोखड़ की तरफ को चला जिस पर हमने भी उसका पीछा किया, जैसे ही बाबा अन्दर जंगल में जाकर रोखड़ में सौच के लिए बैठा, तो हम दोनों ने मौका देखकर उसे ज़ोर से धक्का मारा और धक्का लगने के बाद गोल-गोल पत्थर पर गिर गया था और संभल नहीं पाया था l इसी बीच हम दोनों नें एक-एक पत्थर उठाकर उसके सिर पर वार कर दिया जिससे बाबा चीखने लगा, हम डर गये इसीलिए हमने उसे पत्थर से और अधिक चोट मारी, जिस पर वह कुछ देर बाद हिलना डुलना बंद हो गया था, हमने बाबा की जेब से पैसे निकाले और सूखी नदी के रास्ते से मौके से भाग गये ।

सांसद त्रिवेन्द्र के प्रयासों से के.वि. आईडीपीएल हेतु 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी

सांसद त्रिवेन्द्र के प्रयासों से के.वि. आईडीपीएल हेतु 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी।

Due to the efforts of MP Trivendra, the Centre has given in-principle approval for transfer of 2.41 hectares of forest land for KV IDPL.

हरिद्वार सनी वर्मा

सांसद त्रिवेन्द्र ने जताया केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का आभार

 

देहरादून/ नई दिल्ली 17, अप्रैल। हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ऋषिकेश स्थित केंद्रीय विद्यालय, आईडीपीएल के लिए 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को केंद्र सरकार द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

 

उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय आईडीपीएल, ऋषिकेश के पुनर्निर्माण हेतु विद्यालय की भूमि के हस्तांतरण का विषय अनेक वर्षों से लंबित था। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि इस वर्ष केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा भूमि हस्तांतरण के अभाव में नए सत्र में प्रवेश पर रोक भी लगा दी गई थी, जिससे विद्यालय के बंद होने का संकट उत्पन्न हो गया था। इससे क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।

 

सांसद श्री रावत ने कहा कि जैसे ही स्थानीय जनता ने इस विषय को उनके संज्ञान में लाया, उन्होंने तत्काल केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। दोनों मंत्रालयों के साथ निरंतर समन्वय एवं अनुवर्ती प्रयासों के परिणामस्वरूप पर्यावरण मंत्रालय ने के.वि. आईडीपीएल के लिए लगभग 2.41 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

 

उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक निर्णय से न केवल विद्यालय के बंद होने का संकट टल गया है, बल्कि अब केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की जा सकेगी। साथ ही विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण कार्य को भी शीघ्र गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थायी एवं बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

 

सांसद ने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय कार्यकर्ताओं, विद्यालय प्राचार्य, पर्यावरण मंत्रालय की टीम एवं उत्तराखंड वन विभाग के साथ निरंतर समन्वय बना रहा, जिसके चलते वर्षों से लंबित समस्या का समाधान संभव हो पाया।

 

श्री रावत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यह स्वीकृति वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के तहत दी गई है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, क्षतिपूर्ति वनरोपण, एनपीवी भुगतान एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित सभी आवश्यक शर्तों को शामिल किया गया है। उन्होंने इसे विकास और पर्यावरण संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

 

सांसद श्री रावत ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की आवश्यकताओं को समझते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के प्रत्येक मंत्रालय में जब भी वे स्थानीय समस्याओं को लेकर जाते हैं, संबंधित मंत्रीगण यथासंभव समाधान सुनिश्चित करते हैं।

 

अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के निर्णय उत्तराखंड के समग्र विकास को नई दिशा देंगे और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर वॉटर बेल बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्राएं गर्मियों के मौसम में नियमित अंतराल पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव सुनिश्चित हो।

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर वॉटर बेल बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्राएं गर्मियों के मौसम में नियमित अंतराल पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव सुनिश्चित हो।

Chief Secretary Shri Anand Bardhan has given instructions to ring the water bell at regular intervals in all the schools, so that every student can drink water at regular intervals during the summer season and prevention from dehydration is ensured.

हरिद्वार सनी वर्मा

 

मुख्य सचिव ने बुधवार को ग्रीष्मकाल में हीटवेव की तैयारियों को लेकर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। इस अवसर पर सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। उन्होंने विद्यालय के समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने, कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव सम्बन्धी व्यवहारिक जानकारी देना सुनिश्चित किया जाए। राज्य में बढ़ते तापमान एवं संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को गर्मियों के मौसम में जिन भी क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो, वहां सभी निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बसों, स्टेशन, बाजार में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

 

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हीट वेव की चुनौती से निपटने के लिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभाग समन्वित एवं सक्रिय रूप से कार्य करें। प्रत्येक जनपद में हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करते हुए संवेदनशील (हॉटस्पॉट) क्षेत्रों की पहचान की जाए तथा वहां विशेष निगरानी एवं राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम संचालित कर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए।

 

मुख्य सचिव ने पेयजल की उपलब्धता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस स्टैंड, पंचायत भवनों आदि पर स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में जल संकट की संभावना है, वहां अग्रिम कार्ययोजना बनाकर टैंकरों की व्यवस्था, नलकूपों एवं पंपिंग सिस्टम की नियमित निगरानी तथा वैकल्पिक जल आपूर्ति व्यवस्था तैयार रखी जाए। उच्च मांग की स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

 

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में निर्देशित किया कि सभी चिकित्सालयों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त बेड, समर्पित वार्ड, आवश्यक दवाइयां, ओआरएस एवं आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ रखते हुए उनमें आइस पैक तथा ओआरएस अनिवार्य रूप से रखा जाए तथा चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ को हीट वेव प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। आमजन को हीट वेव के लक्षण, बचाव एवं प्राथमिक उपचार के सम्बन्ध में व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सालयों में मरीजों के बैठने के स्थान पर शेड और पंखे हों।

 

मुख्य सचिव ने हीटवेव के दौरान श्रमिकों एवं खुले में कार्य करने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि कार्य समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जाए, विशेषकर दोपहर के समय भारी कार्य से बचा जाए। कार्यस्थलों पर छायादार विश्राम स्थल, आइस पैक, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस तथा प्राथमिक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्रमिकों को हीट वेव से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी आश्रय (कूलिंग स्पेस), पानी के प्याऊ/वॉटर कियोस्क स्थापित किए जाएं तथा जरूरतमंद लोगों तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पार्कों को अधिक समय तक खोलने, गरीब एवं संवेदनशील वर्गों तक राहत पहुंचाने तथा पशुओं के लिए भी पानी एवं शेल्टर की समुचित व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया गया।

 

मुख्य सचिव महोदय ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रांसफार्मर एवं अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गैस आपूर्ति प्रभावित होने के चलते किचन में विद्युत उपकरणों के प्रयोग में वृद्धि हुई है। सामान्यतौर पर गर्मियों में एसी, पंखे, कूलर के कारण विद्युत मांग में वृद्धि रहती है। इसलिए बिजली की मांग इस सीजन बढ़ सकती है, लिहाजा उच्च मांग के समय वैकल्पिक योजना तैयार रखते हुए आवश्यक सेवाओं पर प्रभाव न पड़ने दिया जाए।

          जनपद हरिद्वार की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को अवगत कराया है कि हीटवेव के संबंध में संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं दूरस्त रखने के निर्देश दिए गए है,जिसमें जल संस्थान एवं पेयजल निगम को पेयजल व्यवस्था,स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाएं एवं स्वास्थ्य उपकरण,सिडकुल एवं श्रम विभाग को श्रमिकों के लिए शेड एवं पेयजल व्यवस्था,विद्युत विभाग को विद्युत आपूर्ति निरंतर चालू रखने के निर्देश दिए।

    बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर के सिंह,मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दयानी,

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,असिस्टेंट लेबर कमिश्नर प्रशांत कुमार,उप नगर आयुक्त नगर निगम दीपक गोस्वामी, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी,अधिशासी अभियंता जल संस्थान विपिन चौहान, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश गुप्ता,खनन विभाग सुष्मिता पाण्डे,आर ओ फॉरेस्ट शिशु पाल सिंह सहित संबंधितअधिकारी मौजूद रहे।

चार धाम यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए ऋषिकुल मैदान में तैयार किए जा रहे यात्री पंजीकरण केंद्र का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान ने किया निरीक्षण

चार धाम यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए ऋषिकुल मैदान में तैयार किए जा रहे यात्री पंजीकरण केंद्र का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान ने किया निरीक्षण

Under the direction of District Magistrate Mayur Dixit, Additional District Magistrate P.R. Chauhan inspected the passenger registration center being prepared at Rishikul Grounds to ensure the smooth conduct of the Char Dham Yatra.

हरिद्वार सनी वर्मा

 

 

 

अपर जिलाधिकारी ने यात्री पंजीकरण केंद्र में सभी कार्यों एवं व्यवस्थाओं को त्वरित गति से पूर्ण करने के दिए निर्देश चार धाम यात्रा को सुगम, सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए ऋषिकुल मैदान में तैयार किए जा रहे यात्री पंजीकरण केंद्र में किए जा रहे कार्यों एवं व्यवस्थाओं का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के क्रम में अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान ने देर शाम को व्यवस्थाओं का लिया जायजा।

अपर जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों एवं कांट्रेक्टर को निर्देश दिए है कि चार धाम यात्रा के लिए तैयार किए जा रहे यात्री पंजीकरण केंद्र में जो तैयारियां एवं व्यवस्था की जानी है,उनको त्वरित गति से करना सुनिश्चित करे,इसमें किसी भी प्रकार कि कोई लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल ने अपर जिलाधिकारी को अवगत कराया है कि ऋषिकुल मैदान में चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए ऑफलाइन पंजीकरण हेतु 20 काउंटर बनाए गए है तथा जिसमें शिफ्ट वार कार्मिकों की तैनाती की गई है तथा यात्रियों के बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था भी की जा रही है।