भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरूण चौहान की जमानत याचिका निरस्त, पहले भी हो चुकी दो आरोपियों की जमानत खारिज, एक महीने 10 दिन से घूम रहे खुलेआम।
भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरूण चौहान की जमानत याचिका निरस्त, पहले भी हो चुकी दो आरोपियों की जमानत खारिज, एक महीने 10 दिन से घूम रहे खुलेआम।
Bail plea of BJP Yuva Morcha state minister Tarun Chauhan rejected, bail of two accused already rejected, roaming freely for one month and 10 days.
उत्तराखण्ड सनि वर्मा
हरिद्वार। पंजनहेड़ी में गोलीकांड प्रकरण में प्रभारी सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने मुख्य आरोपी भाजयुमो के प्रदेश मंत्री तरूण चौहान की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए निरस्त कर दी है। हालांकि इससे पहले भी दो आरोपियों की जमानत खारिज की जा चुकी है। आरोपी 28 जनवरी से फरार चल रहे हैं। पुलिस एक महीने दस दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जबकि इन दो आरोपियों पर हथियार मौजूद है, ऐसे में अमित चौहान ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
अपर जिला शासकीय अभिवक्ता विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि पंजनहेडी में अवैध प्लॉटिंग की शिकायत पर जांच करने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान के भाई सचिन चौहान और रिश्तेदार कृष्णपाल पर भाजपा नेता अतुल चौहान, भतीजे भाजयुमो प्रदेश मंत्री तरूण चौहान ने कई साथियों के साथ मिलकर गोली चला दी थी। मामले में शिकायतकर्ता मातृसदन के ब्रहम्चारी सुधानंद को पहले ही अग्रिम जमानत मिल गई थी। जिसे आधार बनाते हुए मुख्य आरोपी तरूण चौहान को भी अग्रिम जमानत देने के लिए याचिका दाखिल की गई। तरूण के अधिवक्ता ने उसका बचाव करते हुए वहां पर उपस्थित होना बताते हुए उसके द्वारा गोली न चलाने की बात कही।
अपर जिला शासकीय अभिवक्ता विनय कुमार गुप्ता ने अभियुक्त के जमानत प्रार्थना-पत्र का घोर विरोध करते हुए तर्क दिया गया कि आरोपित अपराध गम्भीर प्रकृति का है। अतः जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त करने की याचना की गयी।
ब्रहमचारी सुधानंद, जनहित याचिका में उच्च न्यायालय में पक्षकार है तथा ब्रहमचारी सुधानंद के विरूद्ध जो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया है, उसमें अलग आरोप है। जबकि दो अन्य अभियुक्त अभिषेक चौहान व गौरव चौहान के अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र सत्र न्यायालय से खारिज हो चुके हैं। अपराध गम्भीर प्रकृति का है। मामले में विवेचना जारी है। एक अन्य अभियुक्त अतुल चौहान, न्यायिक हिरासत में है। इस स्तर पर अग्रिम जमानत दिए जाने का कोई आधार नहीं है। ऐसे में, मामले की गम्भीरता एवं प्रकरण के तथ्यों एवं परिस्थतियों को देखते हुए, मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त बिना, अभियुक्त का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाने योग्य है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने दोनों पक्षों से सुनकर अभियुक्त तरूण चौहान की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।