आज हरिद्वार सुनील सैनी राज्य मंत्री संत निरंकारी मिशन के द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान में सम्मिलित हुए
आज हरिद्वार सुनील सैनी राज्य मंत्री संत निरंकारी मिशन के द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान में सम्मिलित हुए
Today, Haridwar State Minister Sunil Saini participated in the cleanliness drive organized by the Sant Nirankari Mission.

Haridwar sunny verma
सुनील सैनी राज्य मंत्री ने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को दो कदम आगे बढ़ाते हुए संत निरंकारी मिशन संस्था के सभी सेवकों ने हजारों की संख्या में उपस्थित होकर स्वच्छता अभियान में योगदान दिया निरंकारी मिशन का सेवा और समर्पण भक्ति केवल शब्दों से नही कार्यों में प्रकट होती है!
सुनील सैनी ने कहा स्वच्छता मानव सभ्यता की जीवनरेखा हे स्वच्छता से केवल पर्यावरण ही नहीं, समाज का सामूहिक स्वास्थ्य और संतुलन भी सुदृढ़ होता है। इसी विचार को साकार रूप देते हुए प्राकृतिक की निस्वार्थ भाव से स्वच्छता एवं संरक्षण का व्यापक अभियान आज जन-जन के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। यह पहल केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का सशक्त संदेश है।
स्वच्छ अभियान का भव्य एवं प्रेरणास्पद आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में हरिद्वार के हजारों निरंकारी सेवादारों द्वारा आसपास के क्षेत्रों में फैली गंदगी को एकत्र कर निस्तारण किया तथा श्रद्धालुओं से भी स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। यह अभियान ऋषिकुल से नए हरिद्वार तक मालवीय घाट, श्रीराम घाट, महाऋषि वाल्मीकि घाट, गोविंद घाट, गुरुनानक घाट पर विशाल सफाई महाअभियान चलाया गया।
सुनील सैनी राज्य मंत्री ने बताया भारतवर्ष के 25 राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेश के 930 शहरों के 1600 से अधिक स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें लगभग 12 लाख स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। यह केवल एक पर्यावरणीय प्रयास नहीं, बल्कि अध्यात्म, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत समन्वय था, जो जन-जन के अंतर्मन को स्पर्श करते हुए जागरूकता एवं कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।
संत निरंकारी मिशन का यह अभियान मानवता को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के के प्रति सशक्त संदेश देता है, बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण को समर्पित रहा। उन्होंने सिखाया कि सेवा, सुमिरन और सत्संग जीवन का आधार हैं। भक्ति केवल वाणी तक सीमित न रहे, बल्कि व्यवहार में झलके lहरिद्वार मेँ इस अभियान का शुभारम्भ सेवादल के प्रार्थना गीत से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर सेवादारों द्वारा दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा, अनुशासन एवं स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई, जो आयोजन की सुव्यवस्थित एवं संस्कारित कार्यशैली को दर्शाता है।

