राष्ट्रीय कला रंग भारती एवं अराध्या प्रकाशन के तत्वाधान में डॉ कुमार प्रशांत मानव द्वारा लिखित पुस्तक बुक ऑफ लाइफ के चतुर्थ संस्करण का विमोचन रघुनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में किया गया, कार्यक्रम के दूसरे चरण में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों व शिक्षकों ने भाग लिया, इसके साथ साथ विद्यालय में आये मुख्य अतिथि प्रदीप अग्रवाल व विद्यालय की प्राचार्य डॉ. रजनी रानी शंखधार का शाल ओढ़ा कर स्वागत सम्मान किया गया। कवि सम्मेलन की विधिवत शुरूआत डा. शुभम त्यागी की सरस्वती वंदना से किया। सुदेश यादव दिव्य जी ने कहा-
राष्ट्रीय कला रंग भारती एवं अराध्या प्रकाशन के तत्वाधान में डॉ कुमार प्रशांत मानव द्वारा लिखित पुस्तक बुक ऑफ लाइफ के चतुर्थ संस्करण का विमोचन रघुनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में किया गया, कार्यक्रम के दूसरे चरण में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों व शिक्षकों ने भाग लिया, इसके साथ साथ विद्यालय में आये मुख्य अतिथि प्रदीप अग्रवाल व विद्यालय की प्राचार्य डॉ. रजनी रानी शंखधार का शाल ओढ़ा कर स्वागत सम्मान किया गया। कवि सम्मेलन की विधिवत शुरूआत डा. शुभम त्यागी की सरस्वती वंदना से किया। सुदेश यादव दिव्य जी ने कहा-
Under the aegis of Rashtriya Kala Rang Bharti and Araadhya Prakashan, the fourth edition of the book Book of Life written by Dr. Kumar Prashant Manav was released at Raghunath Girls Inter College. In the second phase of the program, a Kavi Sammelan was organized. Students and teachers participated in the program. Along with this, the chief guest Pradeep Agarwal and the school’s principal Dr. Rajni Rani Shankhdhar, who came to the school, were welcomed and honored by garlanding them. The Kavi Sammelan was formally started with Saraswati Vandana by Dr. Shubham Tyagi. Sudesh Yadav Divya ji said-
Meerut cheenu chaudhary
संभल कर बोलना हमसे बहुत मुंहजोर हैं हम भी, बुलंदी पर खड़े थे तुम तो आता दौर हैं हम भी।
Meerut cheenu chaudhary
डुबाने के सनम तेवर दिखाना सोच कर हमको, अगर दरिया तुम्हें कहते तो गोताखोर हैं हम भी। कवयित्री ऋचा सिंह प्रकाश जी ने कहा-
यह जीवन संग्राम अधूरा गर रुधिर कभी ना खौला हो,
आतंकी घटनाओं पर यदि कलम ने कुछ ना बोला हो,
जल थल नभ शौर्य पराक्रम जो है वो तो है सो है
भारत की एक एक बेटी भी सिंदूरी बम का गोला है । प्रदीप अग्रवाल ने कहा-
रईसों से शहर भरा पड़ा है सुकून से मालामाल कोई कोई है ,
कोई विरला ही है विचारहीन है यहां
जिसकी खुद से मुलाकात होती है । डॉ शुभम त्यागी ने कहा-
शहीदों की चलो मिलकर के कोई बात हो जाए,
भले अब दिन निकल जाए भले ही रात हो जाए,
कहानी राजा रानी की ना मां हमको सुनना तुम,
कहानी अब शहीदों की नई सौगात हो जाए । संजीव त्यागी ने निडर ने कहा-
सरहद का दीवानापन हो उसको सैनिक कहते हैं ,
जो शत्रु की छाती चीरे उसको सैनिक कहते हैं ,
देशप्रेम की बहती ज्वाला और तिरंगे की खातिर ,
जो मृत्यु का आलिंगन करता उसको सैनिक कहते हैं। ईश्वर चंद गंभीर ने कहा- दो अतिथि घर आ गए उन्हें कराया भोज,
आना था मंदिर मुझे नहीं गया उस रोज । संजय जैन सत्यम ने कहा- पहला रंग केसरी जो त्याग बलिदान है,
देश के जो जन गण मन का बढ़ाए मान है,
दूसरा सफेद रंग द्वेष के निशान का है ।
अभिमान का मिटाए जो बढ़ाए मान है संजय जैन जी द्वारा कविता कही गई । नीलम मिश्रा तरंग ने कहा-
जिगर पे उसने दुश्मन का लोहा खाया होगा ,
मां भारती ने भी अपना आंचल फैलाया होगा
अश्क भी छलक आए होंगे!
कार्यक्रम में अनिरुद्ध गोयल, संजय शर्मा , इन्दिरा , राम अवतार त्यागी, रजनीश शर्मा आदि का सहयोग रहा।