फर्म के जीएसटी नंबर का दुरुपयोग कर लाखों की ठगी का आरोप, व्यापारी ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार!
Accused of fraud of lakhs of rupees by misusing the GST number of the firm, the businessman appealed to the SSP for justic!
मेरठ अक्षय चौधरी
मेरठ के वैली बाजार निवासी व्यापारी दीपक बंसल, संचालक राधा कृष्ण गारमेंट्स, ने फर्म के नाम और जीएसटी नंबर का दुरुपयोग कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। शिकायत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी दुकान के बोर्ड से फर्म का नाम और जीएसटी नंबर लेकर आरोपी बंटी टंडन, निवासी सरस्वती लोक, शिव मंदिर, मेरठ, ने दिल्ली से करीब 3.75 लाख रुपये का माल खरीदा, जिसकी भुगतान नहीं किया गया। अब बकाया रकम ब्याज सहित बढ़कर करीब 5.12 लाख रुपये बताई जा रही है, जिसका नोटिस व्यापारी दीपक बंसल को मिला है।
पीड़ित व्यापारी ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और दिल्ली के संबंधित व्यापारी को बुलाकर आमना-सामना कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि माल किसने खरीदा और पूरे धोखाधड़ी प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके।
मेरठ सेंट्रल मार्केट मामला: 1989 की अनियमितता से सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक, अब ध्वस्तीकरण की बाध्यता।
Meerut Central Market case: From 1989 irregularities to Supreme Court verdict, now demolition is mandatory.
मेरठ अक्षय चौधरी
योगी सरकार ने प्रभावितों को दिए थे तीन विकल्प, नहीं बनी सहमति
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी राहत का रास्ता तलाशने में जुटी सरकार
21 अप्रैल, मेरठ। मेरठ के सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण का मामला एक दिन में नहीं बना, बल्कि इसकी जड़ें वर्ष 1989 तक जाती हैं। समय के साथ यह प्रकरण कई स्तरों पर भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और राजनीतिक हीला-हवाले के आरोपों से घिरता रहा। अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक पहुंच चुका है, तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अनिवार्य हो गई है। हालांकि, राज्य सरकार अब भी प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए न्यायिक रास्ते तलाशने में जुटी है।
इस पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए, जबकि सरकार का दावा है कि उन्होंने शुरुआत से ही प्रभावितों के हित में समाधान निकालने का प्रयास किया। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी की ओर से प्रभावितों को तीन विकल्प दिए गए थे, ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके और कानूनी जटिलताओं के बीच कोई व्यवहारिक रास्ता निकले।
सरकार ने व्यापारियों को दिए थे तीन विकल्पपहले विकल्प के तहत प्रभावितों से कहा गया था कि वे स्वयं सरकार के साथ मिलकर पक्षकार बनें, जिससे न्यायालय में उनका पक्ष मजबूत हो सके। दूसरे विकल्प में आवास विकास विभाग द्वारा निर्धारित कंपाउंडिंग शुल्क जमा करने की सलाह दी गई थी, ताकि नियमों के अनुरूप समाधान खोजा जा सके और ध्वस्तीकरण को रोक जा सके। तीसरा विकल्प यह था कि सुप्रीम कोर्ट के संभावित रुख को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल मार्केट को छोड़ने का निर्णय लिया जाए और सरकार की पुनर्वास योजना को स्वीकार किया जाए, जिसके तहत सभी प्रभावितों के पुनर्वास की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाने को तैयार थी।
नहीं बन पाई सहमतिहालांकि, इन तीनों विकल्पों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते मामला पूरी तरह न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने नियमों और कानून के प्रावधानों का हवाला देते हुए जब ध्वस्तीकरण का आदेश दिया, तो प्रशासन के सामने इसे लागू करने की अपरिहार्य स्थिति बन गई।
सरकारों ने दिया अप्रत्यक्ष तौर पर संरक्षणराजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भी यह मुद्दा लगातार चर्चा में है। आरोप हैं कि पूर्ववर्ती सरकारों जनता दल, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कार्यकाल में इस तरह के निर्माणों को न केवल नजरअंदाज किया गया, बल्कि कई मामलों में अप्रत्यक्ष तौर पर संरक्षण भी मिला। विशेष रूप से वर्ष 2013 से 2017 के बीच ऐसे उदाहरण सामने आए, जिनमें नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य होते रहे। अब वही पक्ष वर्तमान सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार खुद को प्रभावितों के पक्ष में खड़ा बता रही है।
सवालों के घेरे में लोकेश खुराना की भूमिकामामले में कुछ व्यक्तियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनमें लोकेश खुराना जैसे नामों का उल्लेख किया जा रहा है, जिन पर जनहित याचिकाओं के माध्यम से ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर लाभ लेने के आरोप लगते रहे हैं।
अब भी कानूनी विकल्प तलाशने में जुटी है राज्य सरकारफिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट का ध्वस्तीकरण टलना संभव नहीं दिख रहा, लेकिन राज्य सरकार अब भी कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर ऐसे विकल्पों की तलाश में जुटी है, जिससे प्रभावितों को अधिकतम राहत मिल सके। वर्षों पुराने इस विवाद का समाधान अब कानून के दायरे में ही तय होगा, लेकिन इसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को कम करने की चुनौती सरकार के सामने बनी हुई है।
लघु सिंचाई विभाग का गोल-माल, अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री से हो रहा निर्माण, अधिकारी की कार्रवाई मोन।
The Minor Irrigation Department is in a mess, construction is being carried out using substandard materials with the connivance of officials, and the officials are silent on the action taken.
बुलंदशहर मनोज उज्जवल।
बुलंदशहर: लघु सिंचाई विभाग बुलंदशहर आलमगीरपुर नैनसुख ग्राम पंचायत में तालाब के सौदियाकरण में बहुत सारी अनियमिताएं हैं जिसकी शिकायत ग्राम प्रधान ने उच्च अधिकारियों से की है।
ग्राम प्रधान का कहना है कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा तालाब का जो सौदियाकरण किया जा रहा है उसमें घटिया सामग्री का निर्माण किया जा रहा है जबकि कार्य पूर्ण नहीं किया गया है।
लघु सिंचाई के अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर तालाब की कोई जांच नहीं की गई कार्य पूर्ण नहीं किया गया उसके बात भी ठेकेदार का पूरा भुगतान कर दिया गया मौके पर 50% कार्य पूरा भी नहीं किया गया।
उसके बाद भी अधिकारियों ने तालाब का पूरा भुगतान किस बेस पर किया गया है यह जांच का विषय है जबकि कार्य पूर्ण होने की स्थिति 20 4.2026 थी ग्राम प्रधान द्वारा बार-बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ तालाब सौदियाकरण की किसी दूसरे विभाग से जांच कर दी जाए और जो 31 मार्च 2026 से पहले पूर्ण भुगतान किया गया है उसको वापस कराया जाए।
अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाए अगर मुख्यमंत्री को इसकी शिकायत कर दी गई है अगर शिकायत में लघु सिंचाई के अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती तो तीन दिन बाद हम कोर्ट की शरण में चले जाएंगे।
चारधाम यात्रा-2026, कांवड़ मेला एवं कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत शनिवार को उप मेला अधिकारी श्री आकाश जोशी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा पंतद्वीप क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की गई।
Under the anti-encroachment drive being run as part of the preparations for Chardham Yatra-2026, Kanwar Mela and Kumbh Mela-2027, extensive action was taken in the Pantdweep area on Saturday by a team formed under the leadership of Deputy Mela Officer Mr. Akash Joshi.
उत्तराखण्ड सनी वर्मा
उप मेलाधिकारी श्री जोशी ने बताया कि इस संयुक्त अभियान में नगर निगम, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। अभियान के दौरान टीम ने अवैध अतिक्रमण कर बनाई गई 35 अस्थायी दुकानों एवं 57 रेहड़ियों को हटाया।
उत्तराखण्ड सनी वर्मा
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनपद में खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार से कोई मिलावट न हो, इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निरंतर छापेमारी की कार्यवाही के निर्देश दिए गए है
To ensure that there is no adulteration of food items in the district, District Magistrate Mayur Dixit has directed the Food Safety Department to conduct continuous raids.
हरिद्वार सनी वर्मा
चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को शुद्ध एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य प्रदार्थ उपलब्ध हो तथा खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की कोई मिलावट न हो इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई छापेमारी की कार्यवाही
हरिद्वार सनी वर्मा
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य प्रदार्थ उपलब्ध हो तथा खाद्य प्रदार्थ में किसी प्रकार की कोई मिलावट एवं ओवर रेटिंग न हो इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जनपद ने संचालित हो रहे होटल,ढाबों,दुकानों एवं रेस्टोरेंट में निरंतर छापेमारी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
सहायक आयुक्त खाद्य आयुक्त महिमानंद जोशी ने अवगत कराया है आयुक्त, खाद्य सुरक्षा उत्तराखंड देहरादून सचिन कुर्वे एवं जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में चार धाम यात्रा 2026 को देखते हुए जनपद हरिद्वार में लगातार कार्रवाही की जा रही है इसी क्रम में आज दिनांक 17.04.2026 को जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानन्द जोशी द्वारा दिये गये आदेश के कम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम हरिद्वार, श्री कैलाश टम्टा द्वारा रोड़ी बेल वाला, ज्वालापुर एवं सीतापुर आदि क्षेत्रों में लगभग 10 से 12 खाद्य प्रतिष्ठानों जैसे-होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं फुटकर विक्रेता आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुल 03 खाद्य प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत नोटिस दिए गए। साथ ही खाद्य विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान पर खाद्य लाईसेन्स एवं फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड चस्पा करने के निर्देश दिये गये, जिसमें विभागीय टोल फ्री नम्बर अंकित हो।
इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, रूडकी / भगवानपुर, पवन कुमार द्वारा नगर निगम क्षेत्र रूडकी में विभिन्न होटल एवं रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया, जिसमें खाद्य सुरक्षा एवं मानव अधिनियम 2006 के तहत मानकों के तहत कार्मिकों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल की रिपोर्ट एवं पानी की जांच रिपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही विभिन्न होटलों एवं रेस्टोरेंट में कार्यरत कार्मिकों की फोस्टेग ट्रेनिंग के लिए भी निर्देशित किया गया। सभी होटल एवं रेस्टोरेंट खाद्य कारोबारी द्वारा अपने कार्मिकों की फॉस्ट्रेक ट्रेनिंग हेतु सहमति दी गई।
चारधाम यात्रा 2026 के दृष्टिगत विभाग द्वारा उपरोक्त कार्यवाही सम्पूर्ण जनपद में लगातार जारी रहेगी।
सांसद त्रिवेन्द्र के प्रयासों से के.वि. आईडीपीएल हेतु 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी।
Due to the efforts of MP Trivendra, the Centre has given in-principle approval for transfer of 2.41 hectares of forest land for KV IDPL.
हरिद्वार सनी वर्मा
सांसद त्रिवेन्द्र ने जताया केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का आभार
देहरादून/ नई दिल्ली 17, अप्रैल। हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ऋषिकेश स्थित केंद्रीय विद्यालय, आईडीपीएल के लिए 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को केंद्र सरकार द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालय आईडीपीएल, ऋषिकेश के पुनर्निर्माण हेतु विद्यालय की भूमि के हस्तांतरण का विषय अनेक वर्षों से लंबित था। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि इस वर्ष केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा भूमि हस्तांतरण के अभाव में नए सत्र में प्रवेश पर रोक भी लगा दी गई थी, जिससे विद्यालय के बंद होने का संकट उत्पन्न हो गया था। इससे क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।
सांसद श्री रावत ने कहा कि जैसे ही स्थानीय जनता ने इस विषय को उनके संज्ञान में लाया, उन्होंने तत्काल केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। दोनों मंत्रालयों के साथ निरंतर समन्वय एवं अनुवर्ती प्रयासों के परिणामस्वरूप पर्यावरण मंत्रालय ने के.वि. आईडीपीएल के लिए लगभग 2.41 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक निर्णय से न केवल विद्यालय के बंद होने का संकट टल गया है, बल्कि अब केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की जा सकेगी। साथ ही विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण कार्य को भी शीघ्र गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थायी एवं बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
सांसद ने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय कार्यकर्ताओं, विद्यालय प्राचार्य, पर्यावरण मंत्रालय की टीम एवं उत्तराखंड वन विभाग के साथ निरंतर समन्वय बना रहा, जिसके चलते वर्षों से लंबित समस्या का समाधान संभव हो पाया।
श्री रावत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यह स्वीकृति वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के तहत दी गई है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, क्षतिपूर्ति वनरोपण, एनपीवी भुगतान एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित सभी आवश्यक शर्तों को शामिल किया गया है। उन्होंने इसे विकास और पर्यावरण संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
सांसद श्री रावत ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों की आवश्यकताओं को समझते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के प्रत्येक मंत्रालय में जब भी वे स्थानीय समस्याओं को लेकर जाते हैं, संबंधित मंत्रीगण यथासंभव समाधान सुनिश्चित करते हैं।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के निर्णय उत्तराखंड के समग्र विकास को नई दिशा देंगे और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर वॉटर बेल बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्राएं गर्मियों के मौसम में नियमित अंतराल पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव सुनिश्चित हो।
Chief Secretary Shri Anand Bardhan has given instructions to ring the water bell at regular intervals in all the schools, so that every student can drink water at regular intervals during the summer season and prevention from dehydration is ensured.
हरिद्वार सनी वर्मा
मुख्य सचिव ने बुधवार को ग्रीष्मकाल में हीटवेव की तैयारियों को लेकर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। इस अवसर पर सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। उन्होंने विद्यालय के समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने, कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव सम्बन्धी व्यवहारिक जानकारी देना सुनिश्चित किया जाए। राज्य में बढ़ते तापमान एवं संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को गर्मियों के मौसम में जिन भी क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो, वहां सभी निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बसों, स्टेशन, बाजार में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हीट वेव की चुनौती से निपटने के लिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभाग समन्वित एवं सक्रिय रूप से कार्य करें। प्रत्येक जनपद में हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करते हुए संवेदनशील (हॉटस्पॉट) क्षेत्रों की पहचान की जाए तथा वहां विशेष निगरानी एवं राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम संचालित कर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए।
मुख्य सचिव ने पेयजल की उपलब्धता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस स्टैंड, पंचायत भवनों आदि पर स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में जल संकट की संभावना है, वहां अग्रिम कार्ययोजना बनाकर टैंकरों की व्यवस्था, नलकूपों एवं पंपिंग सिस्टम की नियमित निगरानी तथा वैकल्पिक जल आपूर्ति व्यवस्था तैयार रखी जाए। उच्च मांग की स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में निर्देशित किया कि सभी चिकित्सालयों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त बेड, समर्पित वार्ड, आवश्यक दवाइयां, ओआरएस एवं आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ रखते हुए उनमें आइस पैक तथा ओआरएस अनिवार्य रूप से रखा जाए तथा चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ को हीट वेव प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। आमजन को हीट वेव के लक्षण, बचाव एवं प्राथमिक उपचार के सम्बन्ध में व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सालयों में मरीजों के बैठने के स्थान पर शेड और पंखे हों।
मुख्य सचिव ने हीटवेव के दौरान श्रमिकों एवं खुले में कार्य करने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि कार्य समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जाए, विशेषकर दोपहर के समय भारी कार्य से बचा जाए। कार्यस्थलों पर छायादार विश्राम स्थल, आइस पैक, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस तथा प्राथमिक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्रमिकों को हीट वेव से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी आश्रय (कूलिंग स्पेस), पानी के प्याऊ/वॉटर कियोस्क स्थापित किए जाएं तथा जरूरतमंद लोगों तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पार्कों को अधिक समय तक खोलने, गरीब एवं संवेदनशील वर्गों तक राहत पहुंचाने तथा पशुओं के लिए भी पानी एवं शेल्टर की समुचित व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव महोदय ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रांसफार्मर एवं अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गैस आपूर्ति प्रभावित होने के चलते किचन में विद्युत उपकरणों के प्रयोग में वृद्धि हुई है। सामान्यतौर पर गर्मियों में एसी, पंखे, कूलर के कारण विद्युत मांग में वृद्धि रहती है। इसलिए बिजली की मांग इस सीजन बढ़ सकती है, लिहाजा उच्च मांग के समय वैकल्पिक योजना तैयार रखते हुए आवश्यक सेवाओं पर प्रभाव न पड़ने दिया जाए।
जनपद हरिद्वार की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को अवगत कराया है कि हीटवेव के संबंध में संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं दूरस्त रखने के निर्देश दिए गए है,जिसमें जल संस्थान एवं पेयजल निगम को पेयजल व्यवस्था,स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाएं एवं स्वास्थ्य उपकरण,सिडकुल एवं श्रम विभाग को श्रमिकों के लिए शेड एवं पेयजल व्यवस्था,विद्युत विभाग को विद्युत आपूर्ति निरंतर चालू रखने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर के सिंह,मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दयानी,
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,असिस्टेंट लेबर कमिश्नर प्रशांत कुमार,उप नगर आयुक्त नगर निगम दीपक गोस्वामी, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी,अधिशासी अभियंता जल संस्थान विपिन चौहान, अधिशासी अभियंता जल निगम राजेश गुप्ता,खनन विभाग सुष्मिता पाण्डे,आर ओ फॉरेस्ट शिशु पाल सिंह सहित संबंधितअधिकारी मौजूद रहे।
वीवीआईपी ड्यूटी हेतु जिला अधिकारी ने पांच प्रशासनिक अधिकारियों को देहरादून के लिए किया अवमुक्त
The District Magistrate released five administrative officers to Dehradun for VVIP duty.
हरिद्वार सनी वर्मा
मा० प्रधानमंत्री भारत सरकार का दिनांक 14 अप्रैल 2026 को जनपद देहरादून प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत आयुक्त गढ़वाल मंडल के आदेश के क्रम में जिला अधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के पांच प्रशासनिक अधिकारियों को जिसमें अपर जिलाधिकारी प्रशासन फिंचाराम चौहान, डिप्टी कलेक्टर / विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी आकाश जोशी, उपजिलाधिकारी लक्सर सौरव असवाल, सिटी मजिस्ट्रेट श्रीमती कुसुम चौहान एवं उपजिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी को वीवीआईपी ड्यूटी हेतु देहरादून के लिए अवमुक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वीवीआईपी कार्यक्रम के प्रारंभ होने से कार्यक्रम की समाप्ति तक जनपद देहरादून में तैनात रहेंगे तथा अपनी योगदान आख्या 11अप्रैल 2026 की सांय तक जिलाधिकारी देहरादून को देना सुनिश्चित करें।
चारधाम यात्रा प्रबन्धन के लिए हरिद्वार में मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का लिया गया व्यापक जायजा
A mega mock drill was conducted in Haridwar for the Chardham Yatra management, and disaster management preparations were comprehensively reviewed.
हरिद्वार सनी वर्मा
एनडीएमए-यूएसडीएमए के तत्वाधान में जनपद हरिद्वार के 07 स्थलों पर एक साथ किया गया मॉक अभ्यास टीमों के प्रदर्शन की सराहना, समन्वय, संचार और निर्णय क्षमता को सशक्त बनाने पर जोर
चारधाम यात्रा-2026 के दृष्टिगत संभावित आपदाओं एवं आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शुक्रवार को जनपद हरिद्वार में व्यापक स्तर पर मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। यह मॉक अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के तत्वावधान में 07 स्थानों पर एक साथ संचालित किया गया।
हरिद्वार सनी वर्मा
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से सुबह 10 बजकर 05 मिनट पर विभिन्न आपदा परिदृश्यों की सूचना प्रसारित की गई।जिसमें गर्जी पौड़ी में गंगा का जल स्तर बढ़ने से यात्रियों में भगदड़ मचने से कई लोगों को गंगा में बहाने की सूचना प्राप्त हुए।शिव पुल में गंगा का जल स्तर बढ़ने से भगदड़ होने से गंगा में बहाने की सूचना प्राप्त हुई।रेलवे स्टेशन पर ट्रेन लेट आने से अत्यधिक भीड़ होने भगदड़ मच गई।भीमगौड रेलवे ट्रैक पर भारी बारिश आने से रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त की सूचना।अपर बाजार निकट हरकी पौड़ी और बम विस्फोट की अफ़वाह फैलने की सूचना प्राप्त हुई।पंतदीप पार्किंग में शिवपुरी देवप्रयाग के बीच भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित होने से हरिद्वार होल्डिंग एरिया पंतदीप पार्किंग में श्रद्धालु एवं वाहनों की अत्यधिक भीड़ से जाम की सूचना प्राप्त हुई। विष्णु घाट पर भारी वर्षा के कारण टिहरी बांध द्वारा अत्यधिक मात्रा में जल छोड़ने से गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना प्राप्त हुई।
जिलाधिकारी/रिस्पांसिबल ऑफिसर मयूर दीक्षित के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ लालित नारायण मिश्र ने कंट्रोल रूम की कमान संभालते हुए,सभी संबंधित आधिकारियों को तत्काल स्टेजिंग एरिया से रेस्क्यू टीमों को घटना स्थल के लिए रवाना करने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुरूप टीमें त्वरित गति से घटनास्थलों पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।
पहला परिदृश्य हरकी पौड़ी में गंगा जल स्तर बढ़ने के कारण यात्रियों में भगदड़ मचने से अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई,जिसमें 17 लोगों की गंगा में बहाने की सूचना प्राप्त हुई,गंगा में डूब रहे 17 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया,जिसमें 02 गंभीर घायल हुए एवं 03 आंशिक घायल हुए तथा 12 लोगों को रिलीफ सेंटर भेजे गए।
दूसरा परिदृश्य शिव पुल हरिद्वार में जल स्तर बढ़ने के कारण भगदड़ की स्थिति पैदा हुई एवं 14 लोगो गंगा में बहा गए थे उनका जल पुलिस द्वारा सफल रेस्क्यू किया गया।जिसमें 05 लोग मामूली घायलों का प्राथमिक उपचार किया गए एवं 09 लोगों की रिलीफ सेंटर भेजा गया।
तीसरा परिदृश्य हरिद्वार रेलवे स्टेशन में ट्रेन लेट आने के से स्टेशन पर अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़न के कारण भगदड़ मच गई,जिसमें कई 06 श्रद्धालु घायल हो गए। जिसमें 04 गंभील घायलों को अस्पताल भेजा गया एवं 02 लोगों को रिलीफ सेंटर भेजा गया।
भीम गौडा में रेलवे टनल पर भारी वर्षा होने के कारण बड़े बड़े पत्थर आने से रेलवे टैक बाधित हो गया।जिस कारण अफरातफरी मचने से 42 यात्रियों का रेस्क्यू किया गया जिसमें 20 गंभीर घायल यात्रियों को अस्पताल भेजा गया एवं मामूली घायल यात्रियों का प्राथमिक उपचार कर घर भेजा गया।
अपर बाजार निकट हरकी पौड़ी पर बम विस्फोट की अफ़वाह फैलने के कारण अचानक भारी भीड़ की आवाजाही बाधित हो गई ,जिसके कारण श्रद्धालु भय के मारे संकरी गलियों की तरफ भागने का कारण 11 लोगो को रेस्क्यू किया गया जिसमें 01 गंभीर घायल व्यक्ति को अस्पताल भेजा गया तथा 08 मामूली घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया एवं लोगों को रिलीफ सेंटर भेजा गया।
शिवपुरी और देवप्रयाग के बीच भारी वर्षा से भूस्खलन होने से मार्ग अवरूद्ध हो गया,जिससे हरिद्वार होल्डिंग एरिया पंतद्वीप पार्किंग में लगभग 10 हजार श्रद्धालु एवं अत्यधिक वाहनों के होने के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिस कारण भगदड़ मच गई,भीड़ से 07 लोगों को रेस्क्यू किया गया तथा 01 गंभीर घायल व्यक्ति को अस्पताल भेजा गया एवं 06 मामूली घायल व्यक्तियों को प्राथमिक इलाज कर घर भेज दिया गया।
विष्णु घाट हरिद्वार में भारी वर्षा के कारण टिहरी बांध बड़वार अत्यधिक जल छोड़ने से गंगा का जल स्तर में अत्यधिक वृद्धि हो गई,जिस कारण घाटों पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई तथा गंगा में 04 व्यक्तियों की बहाने की सूचना प्राप्त हुई।जिसमें टीम द्वारा 02 व्यक्तियों को रेस्क्यू कर लिया गया,जिसमें से 01 मामूली घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया तथा 01 व्यक्ति को रिलीफ सेंटर भेजा गया।
मॉक अभ्यास के उपरांत इंसीडेंट कमांडरों द्वारा रेस्क्यू टीमों की ब्रीफिंग कर भविष्य में और अधिक सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान आब्जर्वरों ने अभ्यास में सामने आई कमियों को दूर करने पर विशेष बल दिया।
एनडीएमए के विशेषज्ञों ने मॉक ड्रिल को सफल बताते हुए कहा कि सभी टीमों ने अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन में निरंतर सुधार, बेहतर समन्वय, सुदृढ़ संचार व्यवस्था एवं त्वरित निर्णय क्षमता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जनपद में 07 स्थानों पर हुए मॉक ड्रिल अभ्यास में 399 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए,जिसमें राजस्व,विकास, स्वास्थ्य,विद्युत,जिला अर्थ एव सांख्य,पर्यटन,पूर्ति,पशुपालन,लोक निर्माण,परिवहन,खाद्य सुरक्षा, आपदा प्रबन्धन, पुलिस,ट्रैफिक पुलिस,फायर,पुलिस संचार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी ,सीआईएसएफ,जल पुलिस,बीईजी रुड़की,बम निरोधक दस्ता,पीआरडी स्वयंसेवक, शांतिकुंज,आपदा मित्र, एनसीसी,एनजीओ आदि शामिल रहे।
मॉक अभ्यास के दौरान कंट्रोल रूम में अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आर के सिंह, एसपी ट्रैफिक निशा यादव,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा रावत,जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, लिफ्टनेंट कर्नल अलौकिक, सीआरपीएफ डिप्टी कमांडर आनंद सिंह,सहायक आयुक्त खाद्य महिमानंद जोशी, सीएफओ वी बी यादव सहित आर्मी, आईटीबीपी, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हरिद्वार कुंभ 2027: भव्य आयोजन के लिए तैयारियां तेज, साधु-संतों में उत्साह महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी ने सरकार की तैयारियां को सराहा
Haridwar Kumbh 2027: Preparations for the grand event are in full swing, with saints and sages enthusiastic. Shri Mahant Ravindra Puri, Secretary of the Mahanirvani Akhara, praised the government’s preparations.
हरिद्वार सनी वर्मा
कहा कुम्भ के दिव्य आयोजन को भव्य बनाने के लिए जुटेंगे सभी अखाड़े
हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां तेजी से जारी हैं। कुंभ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं विस्तार किया जा रहा है। साथ ही कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं, अखाड़ों तथा साधु-संतों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर धर्मनगरी हरिद्वार के साधु-संतों एवं अखाड़ों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसके साथ ही अखाड़ों के स्तर पर भी कुंभ मेले को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी के सचिव श्री महंत रविन्द्र पुरी ने राज्य सरकार द्वारा कुंभ मेले को लेकर की जा रही तैयारियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे महत्वपूर्ण सहयोग की भी प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री महंत रविन्द्र पुरी ने कहा कि सभी अखाड़े धार्मिक परंपरा के अनुसार कुंभ मेले में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में अखाड़ों द्वारा पूरे विधि-विधान से धर्मध्वजाओं की स्थापना कर अपनी छावनियां स्थापित की जाएंगी। अखाड़ों द्वारा परंपरानुसार पेशवाई एवं अमृत स्नान में सहभागिता की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के आयोजन के लिए सभी अखाड़ों तथा श्री गंगा सभा की सहमति से स्नान पर्वों एवं अमृत स्नान (शाही स्नान) की तिथियों की घोषणा के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार सहित कुंभ क्षेत्र में शामिल सभी स्थानों पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के लिए बड़े पैमाने पर किए जा रहे आधारभूत कार्यों से न केवल मेले के दौरान, बल्कि लंबे समय तक धर्मनगरी हरिद्वार सहित समूचे कुंभ क्षेत्र को लाभ मिलेगा। अन्य अवसरों पर भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को इसका लाभ प्राप्त होगा तथा इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, तीर्थाटन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों से कुंभ मेले का दिव्य एवं भव्य आयोजन सुनिश्चित है, जिसके लिए सभी अखाड़ों के स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2021 में आयोजित कुंभ मेले में कोविड के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन संभव नहीं हो सका था। वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को लेकर साधु-संतों के साथ-साथ श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। निश्चित रूप से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मेले में प्रतिभाग करेंगे, जिनके लिए राज्य सरकार द्वारा समय पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।